फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से नौकरी पाने की साजिश नाकाम

0
112

जयपुर । जयपुर ग्रामीण जिले की दूदू थाना पुलिस ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र (यूडीआईडी) बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश करने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले दो मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने बताया कि 3 दिसंबर 2024 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय दूदू में कार्यरत सुनील कुमार ने दूदू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिव्यांग पोर्टल का कार्य देख रहे चेतनपुरी नामक व्यक्ति ने कार्यालय की आधिकारिक आईडी का दुरुपयोग करते हुए यूडीआईडी पोर्टल पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दूदू थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जहां पुलिस जांच में सामने आया कि फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों के माध्यम से सरकारी नौकरी प्राप्त करने की साजिश रची गई थी। इस मामले में फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले दो मुख्य आरोपी चेतनपुरी और दयाराम को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं फर्जी प्रमाण पत्र का लाभ लेने वाला आरोपी कमलेश कुमार लंबे समय से फरार चल रहा था।

इधर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपी को करौली जिले के नादौती थाना क्षेत्र स्थित बरदाला गांव से डिटेन किया। पूछताछ में आरोप प्रमाणित होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

थानाधिकारी संजय प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमलेश कुमार (37) निवासी नादौती जिला करौली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और संभावित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

इस मामले के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी में थानाधिकारी संजय प्रसाद, उपनिरीक्षक बन्ने सिंह, कांस्टेबल विनोद कुमार एवं कांस्टेबल बजरंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही वांछित आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार करने में कांस्टेबल बजरंग का विशेष योगदान रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here