जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग के दो इनामी शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
आरोपी फाजिल्का और अबोहर में हत्या की वारदातों के बाद करीब डेढ़ वर्ष से फरार थे और नेपाल चले गए थे। नेपाल से लौटकर मध्यप्रदेश के रास्ते राजस्थान पहुंचे दोनों बदमाश जोधपुर में किसी बड़े व्यापारी को धमकाकर करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगने की फिराक में थे।
एडीजी एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन तथा जोधपुर पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया, डीआईजी योगेश यादव और एएसपी सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में कार्रवाई हुई। ऑपरेशन का नेतृत्व डीएसपी रविंद्र प्रताप, पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़ और राम सिंह ने किया।
फर्जी नाम से होटल में ठहरे थे
एडीजी एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन ने बताया कि एजीटीएफ को दोनों के सिरोही में होने और वहां से जोधपुर की ओर बढ़ने का इनपुट मिला था। निगरानी के बाद जोधपुर के कैलाश नगर स्थित होटल सनसिटी इन के कमरा नंबर 204 में छापा मारा गया।
वहां ठहरे दोनों युवकों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपनी पहचान नवीन जाखड़ और आशू चाबड़ा बताई, लेकिन पूछताछ में उनकी असली पहचान सामने आ गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा (23), निवासी हरसिंह रायनगर, फाजिल्का और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला (23), निवासी बलुआना, थाना सदर अबोहर, फाजिल्का, पंजाब के रूप में हुई।
83 ग्राम अफीम का दूध, रिवॉल्वर और नकदी बरामद
जसकरण के बैग से 58 ग्राम और राजिंदर के बैग से 25 ग्राम, कुल 83 ग्राम अफीम का दूध बरामद हुआ। राजिंदर के पास से चालू हालत की अवैध रिवॉल्वर मिली। दोनों के कब्जे से कुल 88,100 रुपए नकद, कूटरचित आधार कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए।
हत्या समेत 12 गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार दोनों पंजाब में हत्या समेत कई गंभीर मामलों में वांछित हैं। राजिंदर के खिलाफ अबोहर, फाजिल्का और संगरूर में वर्ष 2023 से 2025 के बीच आठ मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, धमकी, चोरी/संपत्ति संबंधी अपराध, सामूहिक हिंसा और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। वहीं जसकरण के खिलाफ फाजिल्का और अबोहर में चार मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, मारपीट, हथियार से चोट पहुंचाने, बलवा/सामूहिक हिंसा, आपराधिक धमकी, लूट और आर्म्स एक्ट के प्रकरण शामिल हैं।
दोनों अबोहर के कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा की हत्या और फाजिल्का में साहिल सेन की रंजिशवश हत्या सहित कई मामलों में वांछित बताए गए हैं। पंजाब के अलावा हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश पुलिस को भी इनकी तलाश थी।
राजस्थान में वारदात की आशंका पर बढ़ाई थी निगरानी
राजस्थान में व्यापारियों को धमकी और रंगदारी की घटनाओं को देखते हुए एजीटीएफ ने लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े शूटरों और राजस्थान से सटे हरियाणा-पंजाब क्षेत्र के बदमाशों पर विशेष निगरानी शुरू की थी। नेपाल में दबाव बढ़ने के बाद दोनों भारत लौटे और मध्यप्रदेश के रास्ते राजस्थान आए।
एजीटीएफ ने उनकी संभावित गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और जोधपुर पहुंचने की पुष्टि के बाद कमिश्नरेट पुलिस के सहयोग से उन्हें पकड़ लिया। दोनों से पूछताछ कर जोधपुर आने के उद्देश्य, संभावित वारदात और गैंग के अन्य सदस्यों व संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
कार्रवाई में एजीटीएफ के एएसआई राकेश की विशेष भूमिका रही। पुलिस निरीक्षक रामसिंह, हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार , कांस्टेबल रविन्द्र सिंह , सुमेर सिंह , राकेश , राकेश कुमार और चालक कांस्टेबल दिनेश चंद ने भी भूमिका निभाई। एयरपोर्ट थाना जोधपुर पूर्व के थानाधिकारी भरत सिंह रावत और उनकी टीम का सहयोग रहा।



















