जयपुर। जयपुर के लिए गौरव की बात है कि अटल इन्क्यूबेशन सेंटर-जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय (एआईसी-जेकेएलयू) से जुड़े दो स्टार्टअप फाउंडर्स को 31 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले ‘ग्रासरूट्स इनोवेटर रिकॉग्निशन-2026’ से सम्मानित किया जाएगा।
देशभर के 26 चयनित नवाचारकों में उन्नति एडेप्टिव डिवाइसेज की संस्थापक नेहा सोलंकी और सनबर्ड स्ट्रॉस के संस्थापक चिराग एम.जी. का चयन किया गया है। इनका चयन नवाचार की मौलिकता, सामाजिक प्रभाव और जमीनी जरूरतों के समाधान के आधार पर हुआ है।
नेहा सोलंकी ने दिव्यांग बच्चों के लिए किफायती और उपयोगी सहायक उपकरण विकसित किए हैं। उनका प्रमुख उत्पाद ‘बड्डी चेयर’ चार से 12 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई, थेरेपी और भोजन के दौरान सही पोश्चर और आवश्यक सहारा उपलब्ध कराता है। भारत में इस तरह के उपकरणों की कमी को देखते हुए उन्होंने यह समाधान तैयार किया।
वर्तमान में उनकी कंपनी दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए ‘फ्रीडम राइड’ एडेप्टिव स्ट्रॉलर पर भी कार्य कर रही है। नेहा सोलंकी ने कहा कि एआईसी-जेकेएलयू के मार्गदर्शन और सहयोग से एक छोटा-सा विचार आज सैकड़ों परिवारों तक पहुंच सका है। यह सम्मान उनके लिए आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा बनेगा।
वहीं चिराग एम.जी. ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभिनव पहल करते हुए नारियल के सूखे पत्तों और कृषि अपशिष्ट से रसायन-मुक्त स्ट्रॉ तैयार किए हैं। ये स्ट्रॉ प्लास्टिक का सस्ता, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प हैं। इस नवाचार से न केवल प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
एआईसी-जेकेएलयू की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि कछावा ने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय समस्याओं के समाधान स्थानीय स्तर पर विकसित नवाचारों से ही संभव हैं। उन्होंने बताया कि एआईसी-जेकेएलयू आगे भी दोनों स्टार्टअप्स को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, रणनीतिक साझेदारी और बाजार विस्तार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सहयोग प्रदान करता रहेगा।



















