जयपुर। दौलतपुरा थाना क्षेत्र में फॉर्च्यूनर सवार युवकों पर जानलेवा फायरिंग करने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फायरिंग गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर फायरिंग करना स्वीकार किया है। पुलिस अब फरार साथी, वारदात में इस्तेमाल हथियार, वाहन और हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
जयपुर पश्चिम पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने बताया कि 3 अगस्त को परिवादी राजेंद्र मीणा ने दौलतपुरा थाने में फायरिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी के अनुसार वह अपने साथी रविंद्र मीणा उर्फ राजवीर के साथ फॉर्च्यूनर से जा रहा था। लक्की पंजाबी ढाबे के पास साथी को उतारने के लिए रुकने के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने जान से मारने की नीयत से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए।
दिनदहाड़े हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और संदिग्धों की जानकारी जुटाने के साथ पुलिस ने करीब 50 लोगों से पूछताछ की।
लगातार जांच के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर फायरिंग की वारदात करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद नितेश कुमार मीणा (26) निवासी बाड़ी सदर जिला धौलपुर और अनिल कुमार मीणा उर्फ सुख्खा (23) निवासी बसेड़ी जिला धौलपुर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। नितेश मीणा के खिलाफ बाड़ी सदर और हिंडौन सदर सहित विभिन्न थानों में मारपीट, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। वहीं अनिल उर्फ सुख्खा के खिलाफ नादनपुर और विश्वकर्मा थाने में मारपीट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर फायरिंग के कारणों, वारदात में शामिल अन्य लोगों और हथियारों के स्रोत का पता लगा रही है। फरार साथी और अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।



















