जयपुर। राजधानी के किरण पथ, मानसरोवर स्थित ‘श्री वेदमाता गायत्री वेदना निवारण केन्द्र’ में पिछले कई दिनों से चल रहे सवा करोड़ गायत्री महामंत्र पुरश्चरण अनुष्ठान की गुरुवार को नौ कुंडीय महायज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य पूर्णाहुति हुई। यह आयोजन अखंड दीप शताब्दी एवं माता भगवती देवी शर्मा जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
अखिल विश्व गायत्री परिवार राजस्थान जोन के समन्वयक ओमप्रकाश अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता भोजराज पारीक एवं मुन्नालाल ठाड़ा के संयोजन में यह अनुष्ठान विश्व शांति, लोक कल्याण, सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय, वेदमाता गायत्री की प्राण प्रतिष्ठा तथा महाकाल मंदिर निर्माण के पावन संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
अनुष्ठान में लगभग 300 गायत्री साधकों ने 1 जुलाई से 12 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक सामूहिक रूप से निरंतर गायत्री महामंत्र का जाप किया। साधकों ने 12 अगस्त की शाम साढ़े 5 बजे भव्य दीप यज्ञ के साथ अपने जप संकल्प को पूरा किया। इसके पश्चात गुरुवार को निर्धारित दशांश हवन आयोजित हुआ, जिसमें साधकों ने वैदिक ऋचाओं और गायत्री मंत्रों के साथ आहुतियां दीं। श्रद्धालुओं ने संपूर्ण मानव जाति की सुख-समृद्धि और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने साधना के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “सामूहिक साधना और जप से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गायत्री महामंत्र का यह अनुष्ठान केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्व शांति, लोक कल्याण और सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय की भावना को समर्पित एक महासंकल्प था।



















