जयपुर। खोरा बीसल थाना इलाके के मनसारामपुरा के पीछे जंगल में युवक का शव मिलने के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जीजा-भतीजे सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मामला दर्ज किया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक उधार दिए करीब 22.75 लाख रुपए वापस लेने गया था, जहां उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया गया।
एसआई अभिषेक स्वामी ने बताया कि सीकर के अजीतगढ़ निवासी प्रकाश चंद यादव (34) फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। उसके बड़े भाई सुरेश ने रिपोर्ट में बताया कि ताऊ के दामाद शंकर यादव और उसके भतीजे अजय सहित अन्य लोगों ने प्रकाश से रुपए उधार ले रखे थे। 4 जून को प्रकाश ने फोन कर बताया था कि वह शंकर यादव से रुपए लेने जा रहा है। इसके बाद वह घर नहीं लौटा।
परिजनों के अनुसार 7 जून को दोपहर करीब 12:15 बजे प्रकाश ने बड़े भाई सुरेश को वाट्सऐप कॉल किया। वह रो रहा था और बताया कि शंकर यादव व अजय रुपए नहीं दे रहे हैं और मारपीट करने पर उतारू हैं। उसने दोनों के मोबाइल नंबर और हिसाब की पर्ची भी वाट्सऐप पर भेजी। पर्ची में चार लोगों से करीब 22 लाख 75 हजार रुपए लेने का हिसाब लिखा था।
इसमें उसने लिखा कि सभी से पैसे देने की गुहार कर चुका है, लेकिन करीब एक साल से रुपए नहीं मिल रहे। इसके बाद प्रकाश का मोबाइल बंद हो गया। 8 जून को जयपुर लौटे सुरेश ने रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के साथ उसे तलाशना शुरू किया और करधनी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। उसी दिन शाम करीब चार बजे एक चरवाहे ने गैल इंडिया, मनसारामपुरा के पीछे जंगल में शव पड़ा होने की सूचना दी। शव से कुछ दूरी पर प्रकाश की बाइक भी खड़ी मिली।
पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने कांवटिया अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। घटनास्थल पर शराब के खाली क्वार्टर और जहर की डिब्बी भी मिली थी।
एसआई अभिषेक स्वामी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर शंकर यादव,अजय सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रकाश को योजना के तहत जयपुर बुलाया गया और उधार दिए रुपए वापस नहीं लौटाने के विवाद में उसकी हत्या की गई। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।



















