आचार संहिता के साथ जयपुर में सख्ती: हथियार जमा कराने से लेकर सभा-जुलूस तक प्रतिबंध

0
48

जयपुर। स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसके साथ ही लाइसेंसशुदा हथियार थानों में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन और मोटी लाठी लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, कटार, धारिया सहित अन्य हथियारों पर प्रतिबंध रहेगा। लाइसेंसधारियों को हथियार और कारतूस नजदीकी थाने में जमा कराने होंगे। इसके बदले रसीद दी जाएगी। चुनाव प्रक्रिया और परिणाम के बाद 7 से 15 दिन में रसीद दिखाकर हथियार वापस लिए जा सकेंगे।

हथियार रखने की पात्रता के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई है। ड्यूटी पर तैनात बीएसएफ, आरएसी, राजस्थान सिविल पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी-कर्मचारी प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। सिख समुदाय को धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने, दिव्यांग व बीमार लोगों को लाठी-बैसाखी रखने की छूट होगी। राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के प्रतियोगी सदस्यों तथा शस्त्र निरीक्षण और थाने में जमा कराने के लिए ले जाए जा रहे हथियारों पर भी आदेश लागू नहीं होगा।

बिना अनुमति राजनीतिक सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। अनुमति मिलने पर भी लाउडस्पीकर सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही चल सकेंगे। भड़काऊ भाषण, उत्तेजक नारेबाजी, सांप्रदायिक या जातिगत द्वेष फैलाने वाली सामग्री पर भी कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर विघटनकारी प्रचार और सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर-बैनर लगाने पर पुलिस नजर रखेगी।

पूजा स्थलों को चुनाव प्रचार का मंच बनाने, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने-पिलाने और ड्राई डे पर शराब बिक्री पर भी रोक रहेगी। मतदान केंद्र और आसपास चुनाव चिह्न, पोस्टर, झंडे या प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here