जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव के तहत जयपुर जिले के 19 नगरीय निकायों के 690 वार्डों में पार्षद पद के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की संवीक्षा पूरी हो गई। जांच के बाद कुल 4,868 नामांकन पत्रों में से 1,380 निरस्त किए गए, जबकि 3,488 नामांकन पत्र वैध पाए गए। इनके आधार पर 3,366 अभ्यर्थी वैध रूप से नामांकित हुए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी (म्युनिसिपल) संदेश नायक के अनुसार जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए दाखिल 1,378 नामांकन पत्रों में से 338 निरस्त और 1,040 वैध पाए गए। यहां कुल 1,007 अभ्यर्थी वैध रूप से नामांकित हुए हैं।
चौमूं में 89 नामांकन निरस्त और 145 वैध पाए गए, जिससे 141 अभ्यर्थी वैध हुए। शाहपुरा में 194 नामांकन निरस्त और 339 वैध पाए गए तथा 326 अभ्यर्थी मैदान में हैं। बगरू में 61 निरस्त और 149 वैध नामांकन के आधार पर 137 अभ्यर्थी वैध हुए। बस्सी में 32 नामांकन निरस्त और 179 वैध पाए गए, जबकि 178 अभ्यर्थी वैध रूप से नामांकित हुए।
चाकसू में 129 नामांकन निरस्त और 236 वैध पाए गए तथा 213 अभ्यर्थी वैध हुए। दूदू में 48 निरस्त और 123 वैध नामांकन के आधार पर 121, जमवारामगढ़ में 50 निरस्त और 112 वैध के आधार पर 112 तथा जोबनेर में 12 निरस्त और 97 वैध नामांकन के आधार पर 94 अभ्यर्थी वैध रूप से नामांकित हुए।
कालाडेरा में 33 नामांकन निरस्त और 80 वैध पाए गए, जिससे 79 अभ्यर्थी वैध हुए। कानोता में 5 निरस्त और 69 वैध नामांकन के आधार पर 69, खेजरोली में 54 निरस्त और 108 वैध के आधार पर 107 तथा किशनगढ़-रेनवाल में 29 निरस्त और 115 वैध के आधार पर 115 अभ्यर्थी वैध हुए।
मनोहरपुर में 69 नामांकन निरस्त और 154 वैध पाए गए, जिससे 148 अभ्यर्थी वैध हुए। नारायणा में 62 निरस्त और 108 वैध नामांकन के आधार पर 108, फागी में 68 निरस्त और 128 वैध के आधार पर 113, फुलेरा में 11 निरस्त और 97 वैध के आधार पर 97 अभ्यर्थी वैध हुए।
सांभर में 59 नामांकन निरस्त और 113 वैध पाए गए तथा 105 अभ्यर्थी वैध रूप से नामांकित हुए। वहीं वाटिका में 37 नामांकन निरस्त और 96 वैध पाए गए, जिससे 96 अभ्यर्थी वैध हुए।
3 सितंबर तक नाम वापसी
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार वैध रूप से नामांकित अभ्यर्थी 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक अपनी अभ्यर्थिता वापस ले सकेंगे। इसके बाद 4 सितंबर को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। अंतिम रूप से चुनाव मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की संख्या नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।



















