जयपुर। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले रविवार को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा महोत्सव के दौरान भगवान गणेश को अर्पित की जाने वाली मेहंदी लेने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल रील्स में सिंजारा की मेहंदी को लेकर विवाह के संयोग बनने की मान्यता का दावा किए जाने के बाद जयपुर के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से श्रद्धालु जयपुर पहुंचे। कई लोग शनिवार रात से ही मंदिर के आसपास डेरा डाले हुए थे।
सुबह मंदिर खुलने के साथ भीड़ बढ़ती गई। मंदिर के बाहर कतारें एमडी रोड और जेएलएन मार्ग तक पहुंच गईं। भीड़ के चलते गणेश चतुर्थी के लिए प्रस्तावित यातायात डायवर्जन भी एक दिन पहले लागू करना पड़ा। जेडीए सर्किल सहित आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई। मेहंदी लेने के लिए श्रद्धालुओं में कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी।
बेटे-बेटी और भाई-बहन के लिए मेहंदी लेने पहुंचे
सोशल मीडिया रील्स में दावा किया जा रहा था कि भगवान गणेश को अर्पित सिंजारा की मेहंदी लगाने से कुंवारे युवक-युवतियों के विवाह के संयोग बनते हैं। इसी मान्यता के चलते लोग अपने बेटे-बेटी और भाई-बहन के लिए मेहंदी लेने पहुंचे। गुरुग्राम से आई एक महिला ने बताया कि वह अपने भाई के लिए मेहंदी लेने आई है। दिल्ली से आए श्रद्धालुओं ने भी सोशल मीडिया रील देखकर जयपुर आने की बात कही।

इंदौर से आई एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के लिए मेहंदी लेने पहुंची। सोशल मीडिया पर रील देखकर पहली बार जयपुर आई, लेकिन यहां इतनी भीड़ मिली कि काफी देर तक भीड़ में फंसी रही। आगरा से आए दीपक ने बताया कि सिंजारा की मेहंदी से विवाह के संयोग बनने की मान्यता के कारण वह यहां आया है, लेकिन भीड़ में न लाइन स्पष्ट थी और न मेहंदी वितरण स्थल की जानकारी मिल पा रही थी।
3500 किलो मेहंदी मंगवाई सोजत से
महंत परिवार के अभिषेक शर्मा ने बताया कि प्रथम पूज्य के दरबार में परिवार में मांगलिक कार्य के दौरान मनाए जाने वाले सिंजारे की तरह ही उत्सव मनाया जा रहा है। इसके लिए सोजत से करीब 3500 किलो मेहंदी मंगवाई गई है। भगवान गणेश को मेहंदी अर्पित करने के बाद इसे श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। श्रद्धालु इसे घर ले जाकर शगुन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।
मेहंदी प्रसाद का वितरण पहले रात 7.30 बजे करीब आठ स्थानों से किया जाना था, लेकिन भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने समय शाम 5 बजे से करने की घोषणा की। महिलाओं और कन्याओं के लिए भी अलग व्यवस्था रखी गई।
गणेशजी का विशेष श्रृंगार, स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार
सिंजारा महोत्सव के दौरान भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया। चांदी के सिंहासन पर विराजित गणेशजी को विशेष पोशाक, नौलखा हार और स्वर्ण मुकुट धारण कराया गया। यह स्वर्ण मुकुट साल में केवल गणेश चतुर्थी के अवसर पर धारण कराया जाता है। मोती, सोना, पन्ना और माणक से तैयार नौलखा हार महंत परिवार ने करीब तीन महीने में तैयार किया है।
आज गणेश जन्मोत्सव, रात 11.40 बजे तक दर्शन
गणेश चतुर्थी पर 14 सितंबर को भगवान गजानन का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंगला आरती सुबह 5 बजे होगी और शयन आरती रात 11.40 बजे होगी। विशेष पूजन सुबह 11.20 बजे, श्रृंगार आरती 11.30 बजे, भोग आरती दोपहर 2.15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। भोग के दौरान दोपहर 1.30 से 2 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहेंगे। इसके बाद श्रद्धालु पुन: दर्शन कर सकेंगे।
72 कैमरों से निगरानी, प्रवेश की छह और निकास की आठ लाइनें
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में छह डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) और छह हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) लगाए जाएंगे। पूरे परिसर की निगरानी 72 नए सीसीटीवी कैमरों से होगी और इनकी रिकॉर्डिंग 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी। दर्शन के लिए प्रवेश की छह लाइनें और वापसी के लिए आठ लाइनें रहेंगी। एक लाइन पास धारकों के लिए होगी।
बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए 100 ई-रिक्शा
गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं के लिए एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से मंदिर की ओर प्रवेश व्यवस्था रहेगी। बुजुर्गों और निःशक्तजनों की सुविधा के लिए चौबीसों घंटे 100 ई-रिक्शा संचालित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए चार इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें भी उपलब्ध रहेंगी। व्यवस्थाओं के लिए करीब 500 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे।
जेडीए सर्किल से मंदिर तक बैरिकेडिंग
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए जेडीए सर्किल से मंदिर तक तथा एमडी रोड पर भैरव पथ से बैरिकेडिंग की जाएगी। रिजर्व बैंक से मंदिर तक भी बैरिकेडिंग रहेगी। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि दर्शन के दौरान कैमरा और अनावश्यक सामान साथ नहीं लाएं, ताकि प्रवेश और सुरक्षा जांच में परेशानी नहीं हो।
15 सितंबर को नगर भ्रमण से समापन
मोती डूंगरी गणेश मंदिर का नौ दिवसीय उत्सव 15 सितंबर को गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ संपन्न होगा। गणेश जी महाराज शाम को मोती डूंगरी मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेंगे। नगर भ्रमण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।



















