जयपुर। छोटी चौपड़ स्थित ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी महाराज में गुरुवार को भाद्रपद शुक्ल तेरस के अवसर पर ऐतिहासिक ‘भरत मिलाप परिक्रमा’ राजसी लवाजमे के साथ निकाली गई। मंदिर स्थापना से चली आ रही परंपरा के तहत निकली परिक्रमा से परकोटा भक्ति रस में डूबा नजर आया।
परिक्रमा का मुख्य आकर्षण जयपुर राजघराने द्वारा बनवाया गया करीब 150 वर्ष पुराना लाल शीशम का रथ रहा। चांदी के नक्काशीदार छत्र और कलश से सजे रथ को केवल सफेद रंग के दो बैल खींचते रहे। सबसे आगे गजराज पचरंगा ध्वज लेकर चले और उनके पीछे गाजे-बाजे के साथ रथ पर भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप विराजमान रहे।
शाम करीब 6 बजे रथ मंदिर से रवाना होकर सांगानेरी गेट स्थित हनुमानजी मंदिर पहुंचा। रात 8 बजे यहां श्रीराम और भरत के मिलाप का भावुक दृश्य साकार हुआ। इसके बाद सभी स्वरूप राजसी वेशभूषा में रथ के साथ मंदिर लौटे।
परिक्रमा सांगानेरी गेट से जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार और छोटी चौपड़ होते हुए पुनः ठिकाना मंदिर पहुंची। मार्ग में प्रमुख मंदिरों और व्यापारिक मंडलों ने परिक्रमा का स्वागत किया और जगह-जगह आरती उतारी।



















