जयपुर। गूगल पर ‘एस्कॉर्ट सर्विस’ के नाम से फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को जाल में फंसाने, मारपीट कर लूटने और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व की वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
डीसीपी पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि शहर में राहगीरों से मारपीट और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चंद्र के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने हेमंत पाठक (23) निवासी महापुरा, भांकरोटा जयपुर मूल निवासी बामनगांव, नैनवां, बूंदी तथा रक्षा मलकानी (31)निवासी मुहाना मंडी जयपुर मूल निवासी पूनम मुंबई को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपित गूगल पर ‘एस्कॉर्ट सर्विस’ के नाम से ऑनलाइन विज्ञापन चलाते थे और अपने मोबाइल नंबर को सर्च में ऊपर दिखाने का प्रयास करते थे। कोई व्यक्ति ‘नीयर मी एस्कॉर्ट सर्विस’ सर्च कर संपर्क करता तो उससे रुपए ऐंठे जाते, लेकिन सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।
इसके बाद ग्राहक को एक तय स्थान पर बुलाया जाता और डराने-धमकाने, मारपीट व ब्लैकमेलिंग के जरिए रुपए और मोबाइल लूट लिए जाते थे। पूछताछ में गिरोह के अन्य साथियों और इसी तरह की अन्य वारदातों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चंद्र के अनुसार 2 जून को विकास कुमार मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 जून की रात करीब 11 बजे वह जगतपुरा स्टेशन से घर जा रहा था। रास्ते में कार सवार बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे रोका और मदद का झांसा देकर कार में बैठा लिया। कार में बैठते ही उसके साथ मारपीट की गई और जेब से करीब 15 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन छीन लिया।
आरोपियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए अन्य लोगों से भी रुपए मंगवाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफल नहीं होने पर लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद परिवादी को एक अनजान स्थान पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों को चिन्हित करते हुए पकड़ा है।


















