जयपुर। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मंगलवार को थॉट लीडरशिप सीरीज के 17वें संस्करण का आयोजन किया गया। इसमें भूटान के पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. ठाकुर टी.एस. पावडेल मुख्य वक्ता रहे। ‘भूमिका और आत्मा के बीच मानक संबंध’ विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने जीवन के उद्देश्य, व्यक्तिगत मूल्यों और व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बीच सामंजस्य पर विचार रखे।
प्रो. पावडेल ने कहा कि किसी भूमिका को केवल पद या जिम्मेदारी तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसके पीछे छिपे उद्देश्य को भी पहचानना जरूरी है। प्रभावी नेतृत्व की शुरुआत आत्म-जागरूकता और अपने आंतरिक उद्देश्य को कार्यों व निर्णयों से जोड़ने की क्षमता से होती है। उन्होंने संदेश दिया, “आत्मा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बार-बार अपनी आत्मा की ओर लौटें।”
उन्होंने भूटान के सकल राष्ट्रीय खुशहाली दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के पारंपरिक मानकों के साथ व्यक्तिगत कल्याण और समग्र विकास को भी महत्व दिया जाना चाहिए। सत्र में ‘व्यक्ति, प्रक्रिया और परिणाम’ की अवधारणा के माध्यम से नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं को समझाया गया।
संस्थान के निदेशक डॉ. दानेश्वर शर्मा और अकादमिक डीन डॉ. वरुण चोटिया ने प्रो. पावडेल का स्वागत किया और उन्हें हरित प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. चोटिया ने आभार व्यक्त किया। संस्थान की थॉट लीडरशिप सीरीज के माध्यम से जिम्मेदार और मूल्य-आधारित भावी प्रबंधकों के विकास के लिए सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।



















