जयपुर। पंचांगीय गणना के अनुसार इस वर्ष सोमवार को महाष्टमी तथा 20 अक्टूबर, मंगलवार को महानवमी एवं विजयादशमी का पर्व एक साथ मनाया जाएगा। धर्मग्रंथों धर्मसिंधु और निर्णय सिंधु के अनुसार, यदि दशमी तिथि अपराह्न काल में पड़े और श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग हो, तो उसी दिन विजयादशमी मनाना शास्त्र सम्मत माना गया है। पंडित बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि 20 अक्टूबर, मंगलवार की सुबह रवि योग और कुमार योग का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस दौरान मां सिद्धिदात्री का हवन एवं कन्या पूजन का आयोजन किया जाएगा।
तिथि के अनुसार, 20 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 12:52 बजे दशमी तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन 21 अक्टूबर को दोपहर 2:13 बजे तक रहेगी। हालांकि, 21 अक्टूबर को अपराह्न काल में श्रवण नक्षत्र का संयोग नहीं होने के कारण विजयादशमी का पर्व 20 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा।
शर्मा के अनुसार 20 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 12:52 बजे से 1:35 बजे के मध्य शमी पूजन एवं शस्त्र पूजा करना अत्यंत शुभ और फलदायी रहेगा।



















