जयपुर। न्यू गेट स्थित रामलीला मैदान में श्री सनातन महोत्सव समिति के तत्वावधान में चल रहे रामलीला महोत्सव में रविवार को जानकी खोज, अशोक वाटिका विध्वंस और लंका दहन की लीलाओं का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और भावपूर्ण संवादों ने दर्शकों को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। माता सीता और हनुमान के बीच हुए संवाद ने दर्शकों के हृदय को करुणा और विरह के भावों से भर दिया।
मंचन के दौरान कभी उत्साह और उल्लास का वातावरण बना तो कभी भावुक प्रसंगों ने दर्शकों को गंभीर कर दिया। हनुमान के अशोक वाटिका उजाड़ने और लंका दहन के दृश्यों पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। वहीं, माता सीता और हनुमान के संवादों तथा कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय को देखकर कई दर्शक भावुक हो उठे।
रामलीला की यह प्रस्तुति इस बात का प्रमाण बनी कि रामकथा आज भी जनमानस में गहरी आस्था और संवेदनाओं का संचार करती है। मंचन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
राघवेंद्र सरकार का किया पूजन
आयोजन के दौरान श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज ने श्री राघवेंद्र सरकार का पूजन किया। इस अवसर पर समिति की संरक्षक एवं सांसद मंजू शर्मा, मार्गदर्शक मंडल के प्रवीण भैया (सरस निकुंज), समिति अध्यक्ष नवनीत मित्तल सहित अनुराग शर्मा, पूनम बोटा, मेघराज झांकल, गुंजन वशिष्ठ, हरीश शर्मा और हरनुद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
20 अक्टूबर को होगा रावण दहन
समिति के अनुसार रामलीला महोत्सव 11 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 से रात 10 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव का समापन 20 अक्टूबर को रात 8 बजे रामलीला मैदान, न्यू गेट पर विशाल रावण दहन के साथ होगा।



















