नशेड़ियों से मोबाइल छिनवाकर मेवात के साइबर ठगों तक पहुंचाने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार

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जयपुर। सिंधी कैंप थाना पुलिस ने जयपुर शहर और आसपास के जिलों में मोबाइल चोरी और छीनने की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 चोरी के मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार और आपसी बातचीत के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो अन्य मोबाइल जब्त किए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह नशा करने वाले युवकों से मोबाइल छिनवाकर उन्हें सस्ते दामों पर खरीदता था। इसके बाद अच्छी स्थिति वाले मोबाइल के फर्जी बिल तैयार कर ओएलएक्स पर बेचा जाता था, जबकि बड़ी संख्या में मोबाइल हरियाणा के मेवात में साइबर ठगों तक पहुंचाए जाते थे। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि सिंधी कैंप थाना पुलिस ने गिरोह का सरगना मोईन उर्फ शाहरुख (25) निवासी काफला जिला टोंक हाल रामगंज जयपुर, मोहम्मद अनस (28) निवासी आमेर जयपुर और हसीब (22) निवासी पिनगवां (हरियाणा) हाल जयसिंहपुरा खोर जयपुर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 चोरी के मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार और आपसी बातचीत के लिए उपयोग किए जाने वाले दो अन्य मोबाइल जब्त किए हैं।
डीसीपी जयपुर पश्चिम ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क जयपुर, दौसा और करौली से लेकर हरियाणा के मेवात तक फैला हुआ था। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी अब तक करीब 150 से 200 चोरी के मोबाइल मेवात भेज चुके हैं। पुलिस को आशंका है कि इन मोबाइल का इस्तेमाल साइबर ठगी की वारदातों में किया जाता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर अपराधियों से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

50 हजार रुपए के मोबाइल की चोरी से खुली गिरोह की पोल

थानाधिकारी वंदना नरूला के अनुसार मामले की कड़ियां 4 नवंबर 2025 को दर्ज मोबाइल चोरी की शिकायत से जुड़ीं। उत्तराखंड निवासी मोहम्मद अनस सिद्दीकी ने सिंधीकैम्प क्षेत्र से अपना सैमसंग मोबाइल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिस पर गठित पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। जांच में पता चला कि चोरी हुआ मोबाइल ओएलएक्स के माध्यम से बेचा गया है।
इसके बाद पुलिस ने ब्यावर निवासी एक व्यक्ति से मोबाइल बरामद किया। उसने यह फोन ओएलएक्स से 50 हजार रुपए में खरीदा था। पुलिस ने खरीद-फरोख्त की कड़ियां जोड़ते हुए जयपुर से गिरोह के सरगना मोईन उर्फ शाहरुख, मोहम्मद अनस और हसीब मेव को गिरफ्तार कर लिया।

नशे के आदी युवकों को उकसाकर करवाते थे वारदात

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना मोईन उर्फ शाहरुख नशा करने वाले युवकों को मोबाइल छीनने के लिए उकसाता था। आरोपी जयपुर के सिंधी कैंप, सदर, शिप्रापथ, ट्रांसपोर्ट नगर, आदर्श नगर, रामगंज, गलता गेट और तूंगा सहित विभिन्न क्षेत्रों में वारदात करवाता था। इसके अलावा दौसा जिले के नांगल राजावतान और करौली क्षेत्र से भी मोबाइल छीनने की जानकारी सामने आई है।

वारदात के बाद मोईन चोरी के मोबाइल अपने साथियों मोहम्मद अनस और हसीब को 3 हजार से 5 हजार रुपए में बेच देता था। ये दोनों अच्छी स्थिति वाले मोबाइल के फर्जी बिल तैयार कर ओएलएक्स पर बेच देते थे। इस तरीके से चोरी के मोबाइल को सामान्य खरीद-फरोख्त का हिस्सा दिखाने का प्रयास किया जाता था।

20-25 मोबाइल जुटने पर मेवात भेजते थे खेप

पुलिस के अनुसार गिरोह का आरोपी हसीब मेव 20 से 25 मोबाइल एकत्र होने के बाद उन्हें हरियाणा के मेवात क्षेत्र में शमीम मेव के माध्यम से साइबर ठगों तक पहुंचाता था। इन मोबाइल को प्रति फोन 6 हजार से 7 हजार रुपए में बेचा जाता था। इस तरह चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त के लिए गिरोह ने अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां बांट रखी थीं। पुलिस अब मेवात में मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों और कथित साइबर ठगी के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

इसके अलावा पुलिस का मुख्य फोकस मेवात में सक्रिय कथित साइबर अपराधियों तक पहुंचने, चोरी के अन्य मोबाइल बरामद करने और जयपुर सहित आसपास के जिलों में हुई दूसरी वारदातों का खुलासा करने पर है।

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