जयपुर। जयपुर कमिश्नरेट के साइबर पुलिस थाने ने निवेश के नाम पर हुई 15.04 लाख रुपए की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए सीकर जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में देशभर में करीब 4 करोड़ रुपए की साइबर ठगी से जुड़े मामलों का खुलासा हुआ है। ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए कमीशन का लालच देकर खुलवाए गए बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेश का दिया झांसा
पुलिस उपायुक्त (अपराध) अनुष्ठा कालिया ने बताया कि परिवादी को ‘इजइन्वेस्ट’ नामक कथित कंपनी के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी और अन्य माध्यमों से निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने परिवादी से संपर्क कर छह अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से कुल 15 लाख 4 हजार 999 रुपए की ठगी की। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने सीकर जिले के खंडेला निवासी पवन कुमार सैनी को गिरफ्तार किया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
कमीशन के लालच में खुलवाते थे बैंक खाते
जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर लोगों को आसान कमीशन का लालच देकर उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास खातों की नेट बैंकिंग सुविधा, पंजीकृत मोबाइल नंबर और एटीएम कार्ड का नियंत्रण रहता था।
देश के अलग-अलग हिस्सों में डिजिटल अरेस्ट, टास्क फ्रॉड और निवेश के नाम पर ठगी करने वाले लोग कथित तौर पर रकम इन खातों में जमा करवाते थे। इसके बाद डिजिटल माध्यमों से धनराशि को आगे भेज दिया जाता था। पुलिस की जांच में ऐसे खातों के नेटवर्क के जरिए करीब 4 करोड़ रुपए की साइबर ठगी से जुड़े मामलों का खुलासा हुआ है।



















