जयपुर। करवा चौथ का पर्व अक्टूबर 29 को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर राजधानी में तैयारियां तेज हो गई हैं। अजमेर रोड स्थित गजसिंहपुरा में कुम्हार कानाराम प्रजापति के चाक पर मिट्टी के करवे आकार ले रहे हैं। सुहागिनों के इस पर्व के लिए पारंपरिक करवों के साथ रंग-बिरंगे और आकर्षक डिजाइन वाले करवे भी तैयार किए जा रहे हैं। पर्व नजदीक आने के साथ ही इनकी खरीदारी को लेकर महिलाओं में उत्साह बढ़ने लगा है।
मांडणा, गोटा-पत्ती और स्टोन वर्क की सजावट
कानाराम प्रजापति पारंपरिक तरीके से चाक पर मिट्टी के करवे तैयार कर रहे हैं। इस बार सादे करवों के साथ रंग-बिरंगे डिजाइनर करवे भी बनाए जा रहे हैं। इन पर स्टोन वर्क, गोटा-पत्ती और पारंपरिक मांडणा शैली से सजावट की जा रही है। आकर्षक रंगों और पारंपरिक कलाकारी से सजे ये करवे करवा चौथ के पूजन को खास रूप देने के साथ महिलाओं को भी आकर्षित कर रहे हैं।

मिट्टी की शुद्धता और पारंपरिक कला पर जोर
करवा चौथ पर मिट्टी के करवों का धार्मिक महत्व है। कानाराम प्रजापति चिकनी मिट्टी से करवे तैयार कर रहे हैं, ताकि महिलाएं करवा माता के पूजन में इनका उपयोग कर सकें। चाक पर मिट्टी को आकार देने से लेकर करवों को सजाने तक कारीगर अपनी कला और मेहनत से इन्हें आकर्षक रूप दे रहे हैं।

पर्व के साथ कुम्हारों के हुनर को मिल रहा बढ़ावा
करवा चौथ नजदीक आने के साथ मिट्टी के बर्तनों और करवों की खरीदारी बढ़ने लगी है। पारंपरिक और डिजाइनर करवों की तैयारी से जहां महिलाओं को पूजन के लिए अलग-अलग विकल्प मिल रहे हैं, वहीं स्थानीय कारीगरों को भी अपने हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इस तरह पर्व की तैयारियों के साथ पारंपरिक हस्तशिल्प और कुम्हार कला को भी बढ़ावा मिल रहा है।

















