जयपुर। स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा प्रचार समिति जयपुर एवं महर्षि अरविंद इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वाधान में विकसित भारत मिशन 2047 के संदर्भ में व्यवसाय, अर्थशास्त्र और प्रौद्योगिकी के शासन में उभरती प्रवृत्तियाँ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन महर्षि अरविंद इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड मैनेजमेंट अंबाबाड़ी जयपुर में हुआ।
समिति के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र मौर्य एवं कॉन्फ्रेंस की कन्वीनर डॉ. रुबीना साजिद ने बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रोफेसर निमित्त चौधरी एवं विशेष अतिथि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जनक सिंह मीणा रहे। महर्षि अरविंद ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के डायरेक्टर डॉ. भरत पाराशर, महर्षि अरविंद यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रोफेसर एस. सी. जैन एवं महर्षि अरविंद ऑफ़ साइंस एंड एंड मैनेजमेंट कंप्यूटर एंड आईटी के प्रिंसिपल प्रो. डी. पी. शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ रूहाना, श्रीलंका की प्रोफेसर इंडि अकुरुगोड़ा कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए कहा कि मानव एवं भौतिक संसाधनों के उचित समन्वय से ही लक्षित विकास को प्राप्त किया जा सकता है। प्रोफेसर निमित्त चौधरी ने कहा कि समन्वय एवं सहयोग में शक्ति होती है। डॉ. भरत पाराशर ने अपने उद्बबोधन में कहा कि विकसित भारत का संकल्प अनुशासित कार्य योजना के द्वारा ही साकार किया जा सकता है।
प्रोफेसर जनक सिंह मीणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि विकसित भारत की संकल्पना की प्राप्ति के लिए नियोजन के साथ कुशल प्रशासन महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कॉन्फ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. मयंक शर्मा ने बताया कि सम्मेलन के प्रथम दिवस देश -विदेश के प्रबुद्ध शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों द्वारा लगभग 100 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।

















