जयपुर। करवा चौथ को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। सुहागिनें व्रत की तैयारियों के लिए खरीदारी कर रही हैं, लेकिन इस बार मीठे करवे की कीमतों में बढ़ोतरी ने बजट बिगाड़ दिया है। पिछले साल तक 20 रुपये में मिलने वाला छोटा मीठा करवा अब 30 से 40 रुपये में बिक रहा है। यानी इसकी कीमत में 50 फीसदी का उछाल आया है। वहीं विशेष आकार और डिजाइन वाले करवे 80 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गए हैं। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद आस्था और परंपरा से जुड़ी इस खरीदारी में महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ है।
मीठे करवे तैयार करने वाले व्यापारी रमेश साहू के अनुसार पिछले साल चीनी करीब 45 रुपये प्रति किलो थी, जो इस बार बढ़कर 54 से 60 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसके अलावा करवे बनाने में इस्तेमाल होने वाले हार्ड कोक की कीमत में भी करीब चार रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण छोटे करवे का दाम 20 रुपये से बढ़ाकर 30 से 40 रुपये करना पड़ा है।
साहू ने बताया कि मीठे करवे बनाने की प्रक्रिया में काफी मेहनत लगती है। पहले चीनी की चाशनी तैयार कर उसे पकाया जाता है। इसके बाद लकड़ी के सांचों में डालकर करवे को आकार दिया जाता है। कारीगरों के पास अलग-अलग आकार और डिजाइन के चार से पांच तरह के सांचे हैं। छोटे करवे की कीमत 30 रुपये है, जबकि ‘शेरू-शेरूवा’ नाम से पहचाने जाने वाले विशेष डिजाइन के करवे 80 रुपये प्रति पीस तक बिक रहे हैं।
व्यापारी के अनुसार चीनी के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव से करवे की लागत तय करना मुश्किल हो रहा है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने पर तैयार उत्पाद के दाम बढ़ाने पड़ते हैं, लेकिन ग्राहकों की खरीद क्षमता का ध्यान रखना भी जरूरी है। ऐसे में लागत और बाजार की मांग के बीच संतुलन बनाकर कीमत तय करनी पड़ती है। त्योहार के दौरान कम समय में अधिक माल तैयार करने का दबाव भी बढ़ जाता है।
करवा चौथ नजदीक आने के साथ मीठे करवों की मांग में तेजी आई है। जितेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राहकों का रुझान अच्छा है, लेकिन मांग के मुकाबले तैयार माल कम पड़ रहा है। ऐसे में त्योहार से पहले अधिक से अधिक करवे उपलब्ध कराने के लिए देर रात तक काम करना पड़ रहा है। एक तरफ कच्चे माल की बढ़ती कीमतें लागत बढ़ा रही हैं, तो दूसरी तरफ समय पर मांग पूरी करने की चुनौती बनी हुई है।
बाजार में करवे खरीदने पहुंच रही महिलाएं कीमतों को लेकर मोलभाव कर रही हैं, लेकिन परंपरा के कारण खरीदारी से पीछे नहीं हट रहीं। करवा चौथ की तैयारी कर रही महिला देवी ने बताया कि इस बार मीठे करवे पहले से महंगे हैं, लेकिन व्रत की परंपरा निभाने के लिए इन्हें खरीदना जरूरी है।

















