जयपुर। गायत्री परिवार की सह-संस्थापिका वंदनीया माताजी भगवती देवी शर्मा का अवतरण दिवस जयपुर सहित देश भर के गायत्री शक्तिपीठों, प्रज्ञापीठों, चेतना केन्द्रों और प्रज्ञा मंडलों में श्रद्धा एवं साधना के साथ भक्तिभाव से मनाया गया। इस पावन अवसर पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे का अखंड गायत्री महामंत्र सामूहिक जाप आयोजित किया गया।
उल्लेखनीय है कि माताजी भगवती देवी शर्मा ने वर्ष 1992 में जयपुर स्थित गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी का उद्घाटन किया था। उनकी ही अलौकिक प्रेरणा से किरण पथ, मानसरोवर में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से ‘श्री वेदमाता गायत्री वेदना निवारण केन्द्र’ का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है, जिसका लोकार्पण आगामी वर्ष में किया जाएगा।
गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि जयपुर के विभिन्न केन्द्रों पर स्थानीय परिजनों की अलग-अलग टोलियां गठित कर जप का क्रम निर्बाध रूप से चलाया गया। इस आयोजन में 500 से अधिक साधकों ने सहभागिता करते हुए करीब 11 लाख से अधिक गायत्री मंत्रों का जप संपन्न किया। जप के साथ-साथ गायत्री चालीसा का भी सामूहिक पाठ किया गया।
साधना का यह क्रम गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी में व्यवस्थापक सोहन लाल शर्मा व सह-व्यवस्थापक मणिशंकर पाटीदार, वेदना निवारण केन्द्र मानसरोवर में व्यवस्थापक आर. डी. गुप्ता, गायत्री शक्तिपीठ वाटिका में व्यवस्थापक रणवीर सिंह चौधरी तथा गायत्री शक्तिपीठ कालवाड़ में मुख्य ट्रस्टी धर्म सिंह राजावत के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शाम के समय भव्य दीप यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें 108 से अधिक दीपक प्रज्वलित कर लोक कल्याण, राष्ट्र निर्माण और विश्व शांति की कामना के साथ आहुतियां अर्पित की गईं।
इसके अतिरिक्त, जयंती के उपलक्ष्य में प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी जी महाराज के सान्निध्य में पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ आयोजित हुआ, जिसका संचालन दिवाकर शर्मा ने किया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं।
ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि माताजी का जीवन करुणा, तप, सेवा, त्याग और मातृशक्ति जागरण का प्रतीक है। जन्मशताब्दी वर्ष में उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में सद्भाव व सेवा भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया।



















