जयपुर। सरना डूंगर रीको एरिया स्थित कदम्ब डूंगरी में रविवार को 42वां लक्खी पौषबड़ा महोत्सव श्रद्धा और सेवा भाव के साथ आयोजित हुआ। जहां रविवार की दोपहर 12 बजे से देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर महाप्रसादी ग्रहण की। पावन मंगल सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में महंत सीताराम दास और संस्कार दास की सान्निध्य में 2 हजार 100 साधु-संतों और कन्याओं को भोजन कराया गया।
श्रद्धालुओं ने खुले आसमान के नीचे पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। व्यवस्था संभालने के लिए करीब 500 स्वयंसेवक तैनात रहे, जबकि डेढ़ सौ हलवाइयों ने 35 भट्टियों पर एक दिन पहले रातभर प्रसादी तैयार की। आयोजन स्थल पर अनुशासन और सेवा का वातावरण नजर आया।
कदम्ब डूंगरी की सोनिया दासी दीदी ने बताया कि महाप्रसादी की तैयारी में 40 क्विंटल आटा, 30 क्विंटल सूजी, 80 पीपे देशी घी, 140 पीपे तेल, 25 क्विंटल चौला-मूंग दाल और करीब 25 टन सब्जियों सहित अन्य सामग्री का उपयोग किया गया।
महोत्सव में सरना डूंगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे। इसके अलावा अयोध्या, काशी, प्रयागराज, मथुरा, हरिद्वार, दिल्ली, मुंबई सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों से संत-महंतों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। आयोजन के दौरान भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का भाव पूरे वातावरण में दिखाई दिया।



















