जयपुर। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूजीसी) को लेकर जारी घमासान के बीच गुरुवार को राजधानी के शहीद स्मारक पर समर्थन में बड़ा प्रदर्शन हुआ। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के नेतृत्व में एससी,एसटी और ओबीसी समाज के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के पक्ष में हुंकार भरी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया। जिन्हें पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका।
शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जब भीड़ ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस के साथ उनकी हल्की झड़प भी हुई। कुछ उत्साहित कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़कर संगठन का झंडा लहराने लगे। जिन्हें पुलिस ने मशक्कत कर नीचे उतारा।
भामाशाह चेतराम बैरवा के नेतृत्व में हुए इस महा-आंदोलन में वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा सामाजिक व्यवस्था में दलित,पिछड़ा वर्ग,दिव्यांग और महिलाओं के साथ भेदभाव हो रहा है।

बैरवा ने आरोप लगाया कि मनुवादी सोच के कुछ लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं। जबकि यह कानून वंचितों के अधिकारों की रक्षा करेगा। कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार यह बिल लाई थी, लेकिन विरोध के कारण इस पर रोक लग गई। सुप्रीम कोर्ट और सरकार को जल्द ही यूजीसी लागू करने पर सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
शाम को भीम सेना के कार्यकर्ताओं ने भी पुरजोर समर्थन किया। संगठन के नेताओं ने कहा कि यूजीसी लागू होने से समाज में समानता आएगी। उन्होंने स्वर्ण जाति समाज से अपील की कि वे व्यवस्था सुधार के लिए बड़ा दिल दिखाएं और सहयोग करें।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में व्यापक विरोध के बाद 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी थी। न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि नए नियमों में कुछ अस्पष्टताएं हैं जिनके दुरुपयोग की संभावना है। इसलिए अंतिम फैसले तक वर्ष 2012 के नियम ही प्रभावी रहेंगे।




















