जयपुर। शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही छोटी काशी के मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की शुरुआत हो गई। शहर के आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर ठाकुरजी का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया गया। इसके बाद ठाकुरजी को नवीन लाल रंग की लप्पा जामा पोशाक धारण कराई गई। विशेष अलंकार, शृंगार और सिरपेच से सजे आराध्य के मनमोहक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो गए। मंदिर में नवरात्र के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
मंगला दर्शन के बाद हुआ अभिषेक
गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में मंगला दर्शन के पश्चात ठाकुरजी के अभिषेक सहित विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक के बाद ठाकुरजी को लाल रंग की नवीन लप्पा जामा पोशाक पहनाई गई। इसके साथ ही आकर्षक अलंकार और सिरपेच धारण कराकर विशेष शृंगार किया गया। नवरात्र के प्रथम दिन ठाकुरजी के इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह रहा।
शारदीय नवरात्र हिंदू परंपरा में शक्ति आराधना का प्रमुख पर्व है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विधान है। मंदिरों में घट स्थापना, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भक्तों ने पर्व की शुरुआत की।
मनसा माता मंदिर में घट स्थापना, नौ दिन होंगे विशेष अनुष्ठान
आमेर रोड स्थित कनक घाटी के प्राचीन मनसा माता मंदिर में भी शारदीय नवरात्र के अवसर पर घट स्थापना कर पूजा-अर्चना शुरू की गई। श्री राधा माधव मंदिर, आमेर के पश्चिम दिशा में स्थित इस प्राचीन मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
नवरात्र की शुरुआत के साथ ही जयपुर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल नजर आया। घरों में भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से घट स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू की। अगले नौ दिनों तक शहर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।



















