एजीटीएफ ने पचास हजार का इनामी तस्कर डाकूड़ा को सांचौर से पकड़ा

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AGTF arrested the smuggler Dakuda, who carried a reward of fifty thousand rupees, from Sanchore.
AGTF arrested the smuggler Dakuda, who carried a reward of fifty thousand rupees, from Sanchore.

जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के अपराध मुक्त राजस्थान के संकल्प की दिशा में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में टीम ने जालौर के कुख्यात शराब तस्कर प्रकाश जाणी उर्फ पप्पू उर्फ डाकूड़ा निवासी चितलवाना को सांचौर से दस्तयाब करने में कामयाबी हासिल की है। आरोपी पर आईजी जोधपुर रेंज की ओर से पचास हजार रुपये का इनाम घोषित था।

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि एजीटीएफ के कांस्टेबल सुनील और सुमेर सिंह को सटीक सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा प्रकाश जाणी अपने परिवार से मिलने जोधपुर आया है और वहां से फिर गांव की ओर निकला है। सूचना की पुष्टि होते ही एसपी ज्ञानचंद यादव और एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा के सुपरविजन और डीएसपी फूलचंद टेलर व एएसआई राकेश जाखड़ में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब आरोपी की रेकी शुरू की,तो वह अपनी लोकेशन बार-बार बदलने लगा।

पुलिस टीम ने जब सांचौर के पास आरोपी का पीछा करना शुरू किया, तो शातिर तस्कर डाकूड़ा को पुलिस की भनक लग गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने भागने की कोशिश की। जिसके बाद एजीटीएफ और बदमाश के बीच करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक लुका-छिपी और दौड़ चलती रही। अंततः टीम ने सांचौर के चार रास्ता चौराहा रानीवाड़ा रोड के पास उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

आरोपी प्रकाश जाणी अवैध मादक पदार्थों और शराब तस्करी के नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी माना जाता है। मार्च 2022 में सांचौर पुलिस ने एक लावारिस पेट्रोल टैंकर से 405 कार्टन हरियाणा निर्मित अवैध शराब बरामद की थी। इस मामले में प्रकाश जाणी मुख्य आरोपी था और तभी से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। इसके खिलाफ सांचौर, आबू रोड, बालेसर और गुड़ामालानी में एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के आधा दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी हरियाणा और पंजाब से शराब तस्करी कर राजस्थान और मुख्यतः गुजरात में सप्लाई किया करता है।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में डीएसपी फूलचंद, एएसआई राकेश जाखड़ और कांस्टेबल मगनाराम की सक्रिय भूमिका एवं कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार की तकनीकी भूमिका रही। विशेष रूप से कांस्टेबल सुमेर सिंह और सुनील की सूचना तंत्र की सटीकता ने इस इनामी अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाने में मदद की। फिलहाल आरोपी को सांचौर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है, जहाँ गहन पूछताछ में तस्करी के बड़े नेटवर्क के खुलासे होने की उम्मीद है।

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