रोडवेज के आक्रोशित सेवानिवृत्त कर्मियों ने निकाली रैली

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Angry retired roadways employees took out a rally
Angry retired roadways employees took out a rally

जयपुर। आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाईज एसोसिएशन के बैनर तले शुक्रवार को रोडवेज के आक्रोषित सेवानिवृत्त कर्मियों ने जयपुर में मुख्यालय के पीछे स्थित जयपुर आगार के सामने से रोडवेज मुख्यालय तक रैली निकाल कर अपने आक्रोष का इजहार करते हुए आम सभा व विरोध प्रदर्शन किया। रैली में वरिष्ठ नागरिक रोडवेज प्रबन्धन से कानून की धज्जियां उड़ाना बन्द करने और सेवानिवृत्त कर्मियों के कानून सम्मत भुगतान तुरन्त एकमुश्त करने की मांग के नारे लगा रहे थे। रैली में रोडवेज में व्याप्त आंतरिक कु-प्रबंधन को रोकने की मांग कर रहे थे। रैली में ’’ सेवानिवृत्ति परिलाभ दे ना सके – वो सरकार निकम्मी है, काम लिया है तो भुगतान करो, ओवरटाइम का भुगतान हमारा अधिकार है आदि नारे जोश के साथ लगाये गये।

रैली रोडवेज मुख्यालय पहुंच कर आम सभा में तब्दील हो गई। आम सभा की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द चौधरी ने की । वहीं आम सभा को सम्बोधित करते हुए एटक के प्रदेश अध्यक्ष एम.एल. यादव ने कहा कि रोडवेज में श्रम कानूनों की खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही है। एक तरफ कर्मचारियों को वेतन-पेंशन तक समय पर नहीं मिलते और दूसरी ओर प्रत्येक बस का न्यूनतम 400 कि.मी. संचालन तय करके चालकों-परिचालकों के ड्यूटी के घंटे कानून में निर्धारित घंटों से ज्यादा कर दिये गये हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की किसी भी समस्या के सकारात्मक समाधान की ओर ना तो राज्य सरकार और ना ही रोडवेज प्रबंधन ध्यान दे रहा है। रोडवेज में नई बसें खरीदने और रिक्त पदों पर भर्ती की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

एसोसिएशन के महासचिव हर गोविन्द शर्मा ने राज्य सरकार और रोडवेज प्रबंधन पर रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि 35-40 साल तक रोडवेज की सेवा करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति परिलाभों का 24 माह से भुगतान नहीं किया जा रहा है। रोडवेज में लगभग 11 हजार कर्मचारियों की कमी के चलते चालकों-परिचालकों से अधिश्रम कराया जाता है और उन्हें साप्ताहिक अवकाष व सवैतनिक अवकाष के दिन भी काम करना पड़ता है। इसके बावजूद उन्हे अधिश्रम का भुगतान नहीं किया जाता।

रोडवेज में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और शोषण की पराकाष्ठा हो रही है। रोडवेज प्रबंधन द्वारा जानबूझकर ओपीएस लागू करने में विसंगतियां पैदा करके सेवानिवृत्त कर्मचारियों से ज्यादा पैसों की वसूली की गई है और अब गणना शीट भी नहीं दी जा रही है। रोडवेज पेंशनर्स को 70 व 75 वर्ष की आयु पर राज्य सरकार के अनुरूप अतिरिक्त भत्ते का भुगतान नहीं किया जा रहा है और विलम्ब से भुगतान किये गये सेवानिवृत्ति परिलाभों पर ब्याज का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने एकताबद्ध संघर्ष के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र मोहन सक्सेना ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों का संघर्ष तेज करने के लिए कमर कस लेने का आह्वान किया। राजस्थान स्टेट रोडवेज एंप्लाइज यूनियन (एटक) के महासचिव धर्मवीर चौधरी ने कहा कि देश प्रदेश के वर्तमान हालात श्रमिक वर्ग के आंदोलनों को संकुचित कर देने वाले हैं। श्रमिकों के काम के घंटे बढ़ाने की बातें की जा रही है। ट्रेड यूनियनों की अपेक्षा की जा रही है और श्रमिकों की मांगों को पीछे धकेला जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों में राजनीतिक चेतना विकसित करने की आवश्यकता जताई।

सभा के अध्यक्ष आनन्द चौधरी ने पूरे प्रदेश से रैली में आये सेवानिवृत्त कर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए सभा समाप्ति की घोषणा की। रैली के बाद कर्मचारी निदेशक (प्रशासन) के बुलावे पर एसोसिएशन का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला। एक घंटे से ज्यादा हुई वार्ता में प्रबंधन की ओर से ज्ञापन की सभी मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिलया। प्रतिनिधिमंडल में एटक के प्रदेश अध्यक्ष एम.एल. यादव, एसोसिएशन के महासचिव गोविन्द शर्मा, अध्यक्ष आनन्द चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र मोहन सक्सेना एवं वित्त सचिव केदार बाबू शर्मा शामिल रहे।

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