मूनव्हाइट इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 8वें अध्याय में अनूप जलोटा की गरिमामयी मौजूदगी

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मुंबई। मुंबई के मुक्ति ऑडिटोरियम में आयोजित 8वें मूनव्हाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का अवार्ड समारोह सिनेमा, संगीत और संवेदनाओं का यादगार उत्सव बन गया। इस भव्य आयोजन में पद्मश्री अनूप जलोटा की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। भजन सम्राट ने न सिर्फ विजेताओं को बधाई दी, बल्कि आयोजक देवाशीष सरगम राज के प्रयासों की भी मुक्तकंठ से सराहना की।

कार्यक्रम में फिल्म और कला जगत की दिग्गज हस्तियों—धर्मेंद्र, मनोज कुमार, असरानी, मधुमति, पंकज धीर और सतीश शाह—को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संगीत ने भी शाम को संजीवनी दी—गायक संजय शांगलु की प्रस्तुति और जमसाज़ बैंड की “तेरी दीवानी” जैसी परफॉर्मेंस ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं सुहर्ष राज ने अपने लोकप्रिय म्यूज़िक वीडियो “काफ़िर दीवाना” की पंक्तियाँ गाकर समां बांध दिया।

अंतरराष्ट्रीय सहभागिता इस फेस्टिवल की पहचान बनी, जहां रूसी फिल्मकार एवगेनी श्मेलेव को सम्मानित किया गया। न्यूज़ीलैंड, अमेरिका और भारत की फिल्मों—स्ट्रैंडेड पर्ल, नानक चिंता मत करो, खोज, जूल्स, मैरियोनेट, और द फैमिली फोटो—को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। जूरी में अनूप जलोटा, जसपिंदर नरुला, दिलराज कौर और पंडित सुवाषित राज जैसे नाम शामिल रहे।

इस अवसर पर देवाशीष सरगम (राज) ने एक नई फिल्म बतौर निर्देशक साइन करने की घोषणा भी की, जिसे साउथ के निर्माता-अभिनेता आनंद नायडू प्रोड्यूस करेंगे।यह एमडब्लूएफआईएफएफ की रचनात्मक उड़ान का नया अध्याय है।

अनूप जलोटा ने कहा, “आठ साल में यह फेस्टिवल लगातार बड़ा हुआ है। शॉर्ट फिल्मों को यहां जो मंच मिलता है, वह सराहनीय है।” वहीं देवाशीष सरगम ने भावुक होकर कहा, “यह सिर्फ फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि सपने देखने वालों का मंच है। अनूप जलोटा जी का आशीर्वाद मेरे लिए मार्गदर्शन है।”

एमडब्लूएफआईएफएफ 2025 ने साबित कर दिया कि सिनेमा सिर्फ दृश्य नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और सपनों का उत्सव है—और यह उत्सव हर साल और ऊंचा उड़ान भर रहा है।
(अनिल बेदाग)

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