जयपुर। महाशिवरात्रि के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से राजस्थान के विभिन्न शहरों में भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जयपुर सहित कई स्थानों पर रुद्र पूजा, वैदिक अनुष्ठान, भक्तिमय भजन और विशेष ऑनलाइन ध्यान सत्र का आयोजन होगा। आयोजकों के अनुसार इन कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, वहीं युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रुद्र पूजा रहेगा, जिसे भगवान शिव के रुद्र स्वरूप की उपासना का प्राचीन वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। श्री रुद्रम के मंत्रोच्चार के साथ होने वाली यह पूजा वातावरण की शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक कल्याण का माध्यम मानी जाती है। राजस्थान के विभिन्न शहरों में इसके आयोजन से श्रद्धालु स्थानीय स्तर पर ही महाशिवरात्रि की आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ सकेंगे।
इसी क्रम में बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में मुख्य समारोह का आयोजन होगा, जहां संगठन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के सानिध्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
गुरुदेव श्री रविशंकर ने महाशिवरात्रि के महत्व पर कहा कि शिवरात्रि बाहरी शोर से हटकर भीतर से जुड़ने का अवसर है। यह ध्यान, भक्ति और आंतरिक आनंद का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आत्मचिंतन और गहन विश्राम से व्यक्ति में नई ऊर्जा और प्रसन्नता का संचार होता है तथा महाशिवरात्रि ऐसी ही विशेष रात्रि है।
आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। आयोजन के दौरान करीब 2.5 से 3 लाख श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है।
देशभर में 150 से अधिक स्थानों पर आयोजित रुद्र पूजा के माध्यम से लाखों लोग अपने-अपने शहरों में महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ सकेंगे। आयोजकों के अनुसार यह उत्सव सामूहिक चेतना, सकारात्मकता और ध्यान की अनुभूति का वैश्विक मंच बनेगा।



















