आशीष कुमावत हत्याकांड मामलाः दो शूटर सहित हत्या की सुपारी देने वाला गिरफ्तार

जयपुर। करधनी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 25 अक्टूबर को आशीष कुमावत (38) की  दिन दहाडे गोली मारकर हत्या करने के मामले में पड़ोसी सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारम्भिक जांच पडताल में सामने आया कि आरोपितों ने  घर के गेट के झगड़े में आशीष की हत्या की गई। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि  25 अक्टूबर को आशीष कुमावत (38) की  दिन दहाडे गोली मारकर हत्या करने के मामले में खातीपुरा के रहने वाले आरोपी रमेश मारवाल, नावां के कुंज बिहारी उर्फ तूफान कुमावत और गिरधारी लाल योगी को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया कि रमेश के भाई मुकेश का साढू बन्नाराम नावां में रहता है। इसका बेटा तूफान बेरोजगार है। अलग-अलग समय पर रमेश से 2 लाख रुपए उधार ले चुका था, लेकिन अब पैसे चुका नहीं पा रहा था। ऐसे में रमेश ने उसे कहा कि पैसे माफ कर दूंगा, बदले में उसे आशीष की हत्या करनी पड़ेगी। इसके लिए पिछले 6 महीने से लगातार दबाव बना रहा था। तूफान के पास पैसों का बंदोबस्त नहीं हुआ तो उसने आशीष की हत्या के लिए गिरधारी के साथ मिलकर योजना बनाई। इस दौरान रमेश ने तूफान को जल्द पटाखा फोड़ने का अल्टीमेटम दिया। तूफान 22 अक्टूबर को साथी गिरधारी को लेकर नावां से बाइक पर जयपुर आया। इस बार नाकाम रहा।

23 अक्टूबर को वापस चला गया। उसके बाद 24 अक्टूबर को वापस बाइक से जयपुर पहुंचा और रात को होटल में ठहरे। 25 अक्टूबर को सुबह उठकर खिरनी फाटक अंडरपास के पास इंतजार करने लगे। इधर आशीष घर से निकलकर काम पर जाने लगा। दोनों ने आशीष का पीछा शुरू कर दिया और खिरणी फाटक अंडरपास से थोड़ी दूरी पर जाते ही गोली मार दी। आशीष गोविंदपुरा में नगीना घिसाई का काम करता है। वारदात के वक्त गिरधारी बाइक चला रहा था। तूफान ने बराबर में आते ही गोली मार दी। उसके बाद दोनों बदमाश गलियों में भाग गए।

कुछ दूर आगे तूफान ने बाइक ले ली और गिरधारी को उतार दिया। गिरधारी ने अपनी जैकेट उतार ली। पैदल-पैदल कालवाड़ रोड पर आकर बस में बैठ गया। तूफान ने करीब 5 किलोमीटर आगे जाकर नई टी-शर्ट खरीदी। बाइक को किसी परिचित के पास छोड़कर उसी बस में बैठ गया और दोनों नावां पहुंच गए।


अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रामसिंह शेखावत ने बताया कि हत्या का आरोपी रमेश मारवाल मृतक आशीष के पड़ोस में ही रहता है। दोनों के प्लॉट की दीवार कॉमन है। रमेश प्लॉट में मूर्ति बनाने का काम करता है। उसने प्लॉट का गेट भी बड़ा निकाल रखा है। ऐसे में वो जब भी गेट खोलते या गाड़ी खड़ी करते तो आशीष के घर का दरवाजा बंद हो जाता था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कई बार झगड़े हो चुके हैं। इस संबंध में वैशाली नगर थाने में मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के पास से बीटीएस डाटा और कॉल डिटेल का एनालिसिस किया। इस दौरान नावां के संदिग्ध नंबर मिले। इसके बाद एक पुलिस टीम को नावां भेजा गया। टीम ने तीन दिन तक रेकी की और तूफान कुमावत और गिरधारी को पकड़ा। इधर रमेश मारवाल से टीमें लगातार अलग-अलग स्तर पर पूछताछ करती रही।


गौरतलब है कि बदमाशों ने 25 अक्टूबर को करधनी इलाके में खिरणी फाटक के पास बाइक चला रहे आशीष के पेट में गोली मारकर हत्या कर दी। शुरुआती घटनाक्रम को देखकर पुलिस ने एक्सीडेंट के आधार पर जांच शुरू कर दी थी। परिजनों द्वारा शक जताने पर मृतक का एक्स-रे करवाया तो गोली लगने की बात सामने आई। इसके बाद 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल का एनालिसिस किया। तीन दर्जन से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ के बाद हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीनों बदमाशों को पकड़ लिया।

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