श्रद्धा और उल्लास से मनाया असूचंड महोत्सव: 100 से अधिक झूलेलाल मंदिरों में हुई पूजा-अर्चना

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Asuchand Festival celebrated with devotion and enthusiasm.
Asuchand Festival celebrated with devotion and enthusiasm.

जयपुर। गुलाबी नगरी में सिंधी समाज का प्रमुख पर्व असूचंड महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। एकता और सद्भावना के प्रतीक इस पर्व पर शहर के 100 से अधिक भगवान झूलेलाल मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिरों में ‘आयो लाल, झूलेलाल’ के जयघोष गूंजते रहे।

श्री अमरापुर स्थान सहित विभिन्न मंदिरों में भगवान झूलेलाल की ज्योत प्रज्वलित की गई। पारंपरिक रूप से मीठे चावल और छोले का भोग लगाया गया। ध्वज वंदना, महाआरती और पल्लव प्रार्थना के माध्यम से समाज की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की गई।

श्री अमरापुर स्थान जयपुर में सुबह 6 बजे और शाम 6 बजे भगवान झूलेलाल की ज्योत प्रज्वलित कर भजन प्रस्तुत किए गए। इसके बाद संत मोहन प्रकाश महाराज एवं संत मंडली ने सुबह 9 बजे राजापार्क की सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल अमरलाल मंदिर में ध्वज वंदना कर ज्योत प्रज्वलित की।

कार्यक्रमों की शृंखला में शाम 7 बजे जवाहर नगर सेक्टर-5 स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर में ज्योत प्रज्वलित कर आशीर्वचन दिए गए। रात 8 बजे अग्रवाल फार्म स्थित शीश महल झूलेलाल मंदिर में महाआरती और विश्व शांति के लिए पल्लव प्रार्थना हुई। रात 8:30 बजे पृथ्वीराज नगर स्थित एसएस पैराडाइस में पूज्य झूलेलाल सेवा समिति की ओर से संतों के आशीर्वचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर संत मोहन प्रकाश महाराज ने समाज के सभी वर्गों से आपसी एकता, सद्भावना और भाईचारे के साथ रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि असूचंड महोत्सव एकता का पर्व है, जिसे सभी को मिल-जुलकर मनाना चाहिए। आयोजन में स्वामी मनोहर लाल, संत मोहन लाल महाराज, संत नवीन, संत हरीश और संत गुरुदास सहित अन्य संत उपस्थित रहे।

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