26 नवंबर को होगी बहुजन स्वराज संकल्प महारैली

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जयपुर/नई दिल्ली। संविधान दिवस पर 26 नवंबर को लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर पार्क में बहुजन स्वराज संकल्प महारैली आयोजित की जाएगी। भीम आर्मी प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने रैली की तैयारियों को लेकर नई दिल्ली स्थित नॉर्थ एवेन्यू कार्यालय में देशभर के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई। पार्टी ने रैली में देशभर से 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।

रैली की तैयारियों के लिए 11 समितियों का गठन कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रचार-प्रसार और मीडिया की जिम्मेदारी राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं राजस्थान प्रभारी सत्यपाल चौधरी को दी गई है। उनके साथ राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य अमित कसाना को लगाया गया है। भीड़ जुटाने की मुख्य जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी को दी गई है, जबकि अन्य राज्यों से भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लखनऊ लाने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

समितियों को सौंपी जिम्मेदारियां

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं राजस्थान प्रभारी सत्यपाल चौधरी के अनुसार केंद्रीय संचालन समिति में भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह, अनुशासन समिति प्रमुख डॉ. बृजपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़, राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी व हिमांशु वाल्मीकि, भीम आर्मी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप भार्गव और मो. गाजी को शामिल किया गया है।

मंच, पंडाल और ध्वनि व्यवस्था समिति का संयोजक दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालक राम बौद्ध को बनाया गया है। अनुशासन एवं सुरक्षा समिति में पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश, कमल वालिया और महक सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। परिवहन, आवास एवं सहायता समिति की जिम्मेदारी विनोद यादव आंबेडकर को सौंपी गई है। चिकित्सा एवं आपदा समिति में डॉ. मोहित और रजनीश गुर्जर रहेंगे।

भोजन, पेयजल एवं स्वच्छता समिति में दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेश पालीवाल और महेश कसाना को शामिल किया गया है। नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी कुलदीप भार्गव संभालेंगे। वित्त, बजट एवं संसाधन समिति में अजय प्रधान, जावेद अली और चेतराम बैरवा रहेंगे। जनसंपर्क एवं जन जुटान समिति में मो. कासिब, मो. आकिब और उपासक जी को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि प्रशासनिक एवं विधिक समिति का दायित्व लखनऊ जिलाध्यक्ष को सौंपा गया है।

राजस्थान प्रभारी सत्यपाल चौधरी के अनुसार के अनुसार चंद्रशेखर आजाद स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। प्रस्तावित महारैली को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दलित, पिछड़े और मुस्लिम वर्गों के बीच पार्टी का जनाधार मजबूत करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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