1 करोड़ के लेन-देन के विवाद में व्यापारी की हत्या

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जयपुर। शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में एक करोड़ रुपए के लेन-देन के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी की उसके ही दोस्त ने कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाने के लिए दो दिन तक भटकता रहा। आखिरकार आरोपी की साजिश उसके ही दोस्त की सूझबूझ के कारण बेनकाब हो गई। पुलिस ने सोमवार सुबह सड़क किनारे खड़ी कार से व्यापारी का शव बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

पुलिस के अनुसार विधानी शिवदासपुरा निवासी हरिशंकर शर्मा (40) शनिवार सुबह से लापता थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शनिवार रात करीब नौ बजे उनकी हत्या कर दी गई थी। आरोपी सीताराम खोज ने शव को अपने घर पर चारे के ढेर में छिपाकर रखा। अगले दिन उसने एक परिचित से कार लेकर शव को कट्टों में भरकर रस्सियों से बांधा और डिक्की में रखकर सुनसान स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद वह वापस घर लौट आया।

नाले में फेंकने की थी तैयारी

सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे आरोपी फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए निकला। वह बॉम्बे हॉस्पिटल के पास स्थित नाले में शव फेंकने की योजना बना रहा था। भारी शव को अकेले नहीं संभाल पाने पर उसने अपने एक दोस्त को मदद के लिए बुलाया। मौके पर पहुंचने पर दोस्त को कार में कट्टों में बंधा शव दिखाई दिया। स्थिति समझते ही उसने तत्काल पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस को सूचना मिलने की भनक लगते ही आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे कुछ ही देर में हिरासत में ले लिया।

उधार के एक करोड़ रुपए बने हत्या की वजह

चाकसू एसीपी भवानी सिंह और शिवदासपुरा थानाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मृतक हरिशंकर शर्मा और आरोपी सीताराम खोज आपस में मित्र थे। हरिशंकर बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का व्यवसाय करते थे। उन्होंने सीताराम को कारोबार और अन्य कार्यों के लिए करीब एक करोड़ रुपए उधार दिए थे। आरोप है कि रुपए लौटाने के बजाय सीताराम प्लॉट का सौदा कराने का झांसा देकर भुगतान टाल रहा था।

शनिवार शाम करीब सात बजे दोनों आरोपी के बाड़े पर बैठे थे। इसी दौरान रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हो गया। कहासुनी और गाली-गलौज के बीच झगड़ा बढ़ गया। पुलिस के अनुसार विवाद के दौरान हरिशंकर ने आरोपी की हाथ की अंगुली मुंह से काट ली। इससे गुस्साए सीताराम ने उन पर हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से हरिशंकर की मौके पर ही मौत हो गई।

गुमशुदगी दर्ज, फिर हत्या का खुलासा

मृतक के छोटे भाई प्रहलाद शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम से हरिशंकर का मोबाइल बंद आने पर रविवार को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। सोमवार सुबह पुलिस की सूचना पर परिजन महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें हत्या की जानकारी मिली। परिजनों ने शव पर गंभीर चोटों के निशान होने की बात कहते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

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