सोमवती अमावस्या पर धर्ममय हुई छोटी काशी: गलता कुंड में उमड़ा आस्था का सैलाब

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'Chhoti Kashi' immersed in a spiritual atmosphere on Somvati Amavasya.
'Chhoti Kashi' immersed in a spiritual atmosphere on Somvati Amavasya.

जयपुर। सोमवती अमावस्या के पवित्र अवसर पर सोमवार को प्रांतीय राजधानी और ‘छोटी काशी’ के नाम से विख्यात जयपुर शहर पूरी तरह धर्म के रंग में सराबोर नजर आया। सुबह तड़के से ही शहर के प्रमुख तीर्थ स्थलों और देवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चारों तरफ गूंजते मंत्रोच्चार, भजनों की स्वर लहरियों और ठाकुरजी के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

अमावस्या के स्नान का विशेष महत्व होने के कारण सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं के समूह पवित्र गलता तीर्थ पहुंचने शुरू हो गए। हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पवित्र गलता कुंड में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने कुंड में खड़े होकर अपने पितरों की आत्मशांति के लिए तर्पण और तपोदान किया। गलता परिसर स्थित विभिन्न देवालयों के दर्शन करने के बाद भक्तों ने गलता पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य महाराज से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

प्रमुख देवालयों में हुए विशेष आयोजन और मनमोहक श्रृंगार

आराध्य देव गोविंद देवजी में सजी जलयात्रा झांकी:-

ठाकुर श्री गोविंद देवजी महाराज के मंदिर में श्रीमन्माध्व गौड़ेश्वराचार्य महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में विशेष आयोजन हुए। राजभोग झांकी के बाद ठाकुरजी की मनमोहक जलयात्रा झांकी सजाई गई। इस दौरान ठाकुर श्री गोविंद देवजी और राधारानी के करकमलों में सोने की पिचकारी विराजित की गई। ग्रीष्म ऋतु में भगवान को शीतलता प्रदान करने की परंपरा के तहत तरबूज, खरबूज सहित विभिन्न ऋतुफलों का भोग लगाया गया। साथ ही पारंपरिक सिकरान एवं पूड़ी का विशेष राजभोग भी अर्पित किया गया।

चौड़ा रास्ता स्थित ऐतिहासिक ताड़केश्वर शिव मंदिर में बाबा का अनूठा श्रृंगार किया गया। यहाँ गर्भगृह और बाहरी परिसर में विभिन्न प्रकार के आमों से ‘आम की झांकी’ सजाई गई। एक दर्जन से अधिक कारीगरों और सेवादारों ने कई घंटों की मेहनत के बाद इस खूबसूरत झांकी को तैयार किया। सुभाष चौक स्थित श्री सरस निकुंज में पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में राधा सरस बिहारी जू सरकार का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य अभिषेक किया गया। इसके बाद अमावस्या से जुड़े विशेष पदों और भजनों का सुमधुर गायन हुआ। पुरानी बस्ती स्थित गोपीनाथ जी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में सोमवती अमावस्या को उत्सव के रूप में मनाया गया, जहाँ महिला भक्तों ने ठाकुरजी को सुमधुर भजन सुनाए।

वहीं, चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर जी मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में विशेष झांकी के दर्शन हुए। रामगंज बाजार स्थित लाड़ली जी मंदिर में ललित संप्रदायाचार्य डॉ. महंत संजय गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में लाड़लीजी के विविध लाड़ लड़ाए गए और उन्हें विभिन्न प्रकार के फलों तथा फलों के रस का विशेष भोग लगाया गया। इसके अलावा रामगंज चौपड़ स्थित मुरली मनोहर जी मंदिर, त्रिपोलिया स्थित ब्रजनिधि जी मंदिर और ब्रज राज बिहारी जी सहित अनेक मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और कीर्तन के दौर चलते रहे।

पुरुषोत्तम मास: श्याम मंदिरों में गूंजे बाबा के भजन

पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) की सोमवती अमावस्या के मौके पर शहर के विभिन्न श्याम मंदिरों में भव्य भजन संध्याओं का आयोजन किया गया। श्याम सेवी संगठनों की ओर से करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम हुए। कांवटियों का खुर्रा (रामगंज बाजार) स्थित प्राचीन श्री श्याम मंदिर में महंत पं. लोकेश मिश्रा के सान्निध्य में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित कर भजन संध्या आयोजित की गई, जहाँ नामचीन भजन गायकों ने देर रात तक बाबा का गुणगान किया।

गौशालाओं में उमड़े दानी हाथ, खिलाया हरा चारा और गुड़

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या पर दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। इसी कड़ी में सांगानेर (टोंक रोड), दुर्गापुरा, हिंगोनिया, सीकर रोड और ढहर के बालाजी सहित शहर की विभिन्न गौशालाओं में सुबह से ही दानदाताओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने गायों को हरा चारा, दलिया, औषधीय लड्डू और गुड़ खिलाकर पुण्य कमाया।

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