शांतिकुंज हरिद्वार से प्रशिक्षण लेकर लौटी बेटियां, अब विद्यालयों में जाकर देंगी छात्राओं को ट्रेनिंग

0
124
Daughters returned after taking training from Shantikunj Haridwar
Daughters returned after taking training from Shantikunj Haridwar

जयपुर। युग तीर्थ शान्तिकुंज हरिद्वार में आयोजित चार दिवसीय कन्या कौशल प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान की 300 की बेटियां प्रशिक्षण लेकर जयपुर लौट आई हैं। इनमें जयपुर से 50 कन्याएं और 30 प्रशिक्षिकाएं शामिल हैं। बेटियों को संबोधित करते हुए गायत्री विद्यापीठ की व्यवस्था मण्डल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने कहा कि जब इंसान अपनी सोच को घर तक सीमित रखता है, तब समस्याएं भी सीमित रहती हैं और जब वह समाज के प्रति जागरूक होता है, तभी उसकी सोच व्यापक बनती है। उन्होंने कहा कि साठ के दशक में ही आचार्य पं. श्रीराम शर्मा तथा माता भगवती देवी शर्मा ने नारी जागरण आंदोलन की शुरुआत की, तब से नारियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में कार्य किया जा रहा है।

शांतिकुंज महिला मण्डल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने कहा कि आज आवश्यक हो गया है कि हर नारी अपनी संस्कृति और पहचान को बनाए रखें तथा आने वाली पीढ़ी को भी संस्कारवान बनाएं। गायत्री शर्मा, शालिनी वैष्णव सहित शांतिकुंज के विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। प्रशिक्षण के मध्य राजस्थान से गई बेटियों ने अपने अनुभव भी बांटे। इस दौरान बेटियों ने शांतिकुंज हरिद्वार में संचालित विभिन्न प्रकल्पों को देखा। यज्ञशाला में हवन किया और समाधि स्थल पर प्रणाम किया।

गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि शान्तिकुंज हरिद्वार में नारी जागरण आंदोलन के तहत राजस्थान प्रान्त का कन्या कौशल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण ले चुकीं कन्याएं अगले वर्ष होने वाले कन्या कौशल शिविर के लिए 5100 कन्याओं को आत्म रक्षा, व्यक्तित्व परिष्कार, भारतीय संस्कार परंपरा, मोबाइल एडिक्शन से बचने के लिए प्रशिक्षण देंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here