जयपुर। पंचांग के अनुसार इस बार कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी शुक्रवार 13 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य देव की आराधना और दान-पुण्य किया जाएगा । कुंभ संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया हैं। यदि पवित्र नदी में स्नान करना संभव न हो तो घर पर नहाते समय जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि इस बार कुंभ संक्रांति के साथ विजया एकादशी पर राजयोग और कुमार योग का संयोग भी बन रहा हैं। इस शुभ योग में पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
शर्मा के अनुसार कुछ पंचांगों में 13 फरवरी शुक्रवार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी को सुबह 04 बजकर 04 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी का व्रत एक ही दिन किया जाएगा । इस दिन पुण्य काल और सूर्य देव के साथ श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने का समय सुबह 07 बजकर 04 मिनट से सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।




















