पुण्य, ग्रह शांति और समृद्धि के लिए मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं का करें दान

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मकर संक्रांति भारतीय सनातन संस्कृति का एक अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व है। इस दिन सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे उत्तरायण का आरंभ होता है। शास्त्रों में मकर संक्रांति को दान–पुण्य, स्नान और तपस्या का विशेष फल देने वाला पर्व बताया गया है। इस दिन किया गया दान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी माना जाता है।

मकर संक्रांति पर दान का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन दान करने से पापों का क्षय, ग्रह दोषों का शमन और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से शनि, सूर्य और गुरु से संबंधित दोष इस दिन के दान से शांत होते हैं। मकर संक्रांति पर किया गया दान केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस पर्व पर दान करके न केवल ग्रह शांति प्राप्त होती है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग को भी सहारा मिलता है—यही मकर संक्रांति का वास्तविक संदेश है।

मकर संक्रांति पर किए जाने वाले प्रमुख दान

तिल का दान :-
तिल को शनिदेव का प्रतीक माना गया है। मकर संक्रांति पर तिल दान करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है। तिल से बनी मिठाइयों का वितरण भी शुभ माना जाता है।

खिचड़ी का दान :-
इस पर्व पर खिचड़ी दान का विशेष महत्व है। खिचड़ी में प्रयुक्त उड़द दाल का संबंध शनिदेव से माना गया है। खिचड़ी दान करने से दरिद्रता दूर होती है और रोगों से मुक्ति मिलती है।

गुड़ का दान :-
गुड़ गुरु ग्रह की प्रिय वस्तु मानी जाती है। इसके दान से गुरु, शनि और सूर्य के दोष शांत होते हैं तथा जीवन में मधुरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कंबल और वस्त्र का दान :-
शीत ऋतु में कंबल और वस्त्र का दान अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। इससे राहु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जरूरतमंदों को राहत मिलती है।

चावल और अन्न दान :-
चावल को अक्षय अन्न कहा गया है। मकर संक्रांति पर अन्न दान करने से घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं होती।

नमक का दान :-
नमक दान से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

देशी घी का दान :-
देशी घी दान करने से स्वास्थ्य, करियर और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है।

गौसेवा और पशु चारा दान :-
गाय को चारा खिलाना और गौसेवा करना इस दिन विशेष फल देता है। इससे घर-परिवार में खुशहाली और शांति बनी रहती है।

दान करते समय रखें ये सावधानियां

दान सदैव श्रद्धा, विनम्रता और निष्काम भावना से करना चाहिए। दान का प्रदर्शन नहीं करें और पात्र व्यक्ति को ही दान दें। यह भी मान्यता है कि दान करते समय दक्षिणा या वस्तु को हाथ से हाथ में देना उत्तम होता है।

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