जयपुर। नगर निगम जयपुर की ओर से रविवार को आयोजित एक दिवसीय मेगा पेट कार्निवल में पालतू पशु प्रेमियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। अभियान के तहत पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए एंटी रेबीज वैक्सीनेशन और ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन किया गया। इस दौरान नगर निगम ने पालतू कुत्तों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सुविधा भी शुरू कर दी, जिससे अब पेट ओनर्स घर बैठे अपने पालतू पशु का पंजीकरण करा सकेंगे।
नगर निगम के अनुसार अभियान के दौरान अब तक करीब 2 हजार से अधिक डॉग्स का पंजीकरण, लगभग 1 हजार डॉग्स का एंटी रेबीज वैक्सीनेशन किया गया, जबकि 50 डॉग्स को गोद (एडॉप्शन) भी दिलाया गया।
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि शहर में जिम्मेदार पेट ओनरशिप को बढ़ावा देने, पालतू पशुओं का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने तथा रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराया जा सकेगा। आवेदन के दौरान पशु की फोटो और अन्य आवश्यक जानकारी अपलोड करनी होगी।
उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन शुल्क 1 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें पालतू कुत्ते का पंजीकरण, एंटी रेबीज वैक्सीनेशन तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताएं शामिल हैं। अभियान के संचालन में इंटरनेशनल डॉग बाजार के संस्थापक वीरेन शर्मा और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयुक्त ओम कसेरा ने स्पष्ट किया कि पालतू पशुओं का रजिस्ट्रेशन 30 सितंबर के बाद भी जारी रहेगा, लेकिन यदि 30 सितंबर के बाद निरीक्षण के दौरान कोई पालतू कुत्ता बिना रजिस्ट्रेशन के पाया जाता है, तो उसके मालिक पर 5 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में नगर निगम संबंधित पालतू कुत्ते को अपने कब्जे में भी ले सकता है। ऐसे में नागरिकों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
मेगा पेट कार्निवल में पॉफ़ी कैफे की ओर से तैयार किया गया 30 किलोग्राम वजनी डॉग पिज्जा आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। यह पिज्जा कार्यक्रम में आए पालतू और कम्युनिटी डॉग्स को खिलाया गया। इसके अलावा पालतू पशुओं के लिए विशेष आइसक्रीम, नेम टैग बनाने की सुविधा और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। पेट ओनर्स को आकर्षक उपहार भी प्रदान किए गए।
नगर निगम ने स्पष्ट किया कि 2 अगस्त को केवल मेगा ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन एवं वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया गया था, जबकि ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से पालतू पशुओं का पंजीकरण आगे भी लगातार जारी रहेगा।



















