विदेश में नौकरी का लालच देकर लूटने वाला गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार

0
45

जयपुर। सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवक को जयपुर बुलाने और मारपीट कर 50 हजार रुपए लूटने वाले गिरोह का कालवाड़ थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को विदेश में नौकरी, सस्ते वाहन और अन्य आकर्षक सौदों का लालच देकर सुनसान जगह पर बुलाता था और उनसे नकदी व ऑनलाइन भुगतान के जरिए रुपए ऐंठता था।

पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने बताया कि परिवादी अजयपाल सिंह ने 11 अक्टूबर 2026 को कालवाड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी को 2 अक्टूबर को एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप संदेश मिला था। संदेश भेजने वाले ने अपना नाम रोहित बताया और आर्मेनिया का वीजा बनवाने के साथ वहां 1.20 लाख रुपए प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके लिए दो लाख रुपए खर्च होने की बात कही गई। बाद में एडवांस के रूप में 50 हजार रुपए नकद लेकर आने को कहा गया।

झांसे में आकर अजयपाल सिंह 11 अक्टूबर की सुबह जोधपुर से ट्रेन के जरिए जयपुर पहुंचा। उसने मेट्रो स्टेशन के एटीएम से 50 हजार रुपए निकाले और आरोपियों को अपनी लोकेशन भेज दी। इसके बाद वह चिरंजीवी अस्पताल के पास पहुंचा, जहां स्विफ्ट कार में सवार तीन व्यक्ति आए और उसे गाड़ी में बैठाकर रुंधिया मोड़ से करीब 20 मीटर अंदर सुनसान जगह ले गए। वहां आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। डर के कारण परिवादी ने अपने पास रखे 50 हजार रुपए उन्हें दे दिए। इसके बाद आरोपी उसे धक्का देकर मौके से फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अ कालवाड़ थानाधिकारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और आसूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर महिपाल सिंह (24), निवासी मेई राजनपुरा, थाना दातारामगढ़, जिला सीकर; राजवीर सिंह (24), निवासी मेई राजनपुरा, थाना दातारामगढ़, जिला सीकर; रवि शर्मा (21), निवासी राधाकिशनपुरा, थाना हरमाड़ा, जयपुर; मनीष मीणा (23), निवासी खेड़ी मिल्क, थाना रेनवाल, जयपुर ग्रामीण और इन्द्र सिंह (23), निवासी नादरी प्रतापपुरा, थाना रेनवाल, जयपुर ग्रामीण को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरोह इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी विदेश भेजने, असली नोटों के बदले चार गुना नकली नोट देने, सस्ते वाहन बेचने और बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। झांसे में आए लोगों को मिलने के लिए बुलाकर उनकी रैकी करते और फिर वाहन में बैठाकर सुनसान जगह ले जाते थे। वहां मारपीट कर नकदी और आभूषण छीन लेते थे।

इसके अलावा आरोपी पीड़ितों पर दबाव बनाकर उनके मोबाइल से पेट्रोल पंप, शराब की दुकानों और बड़े प्रतिष्ठानों के क्यूआर कोड पर ऑनलाइन रुपए हस्तांतरित करवाते थे। बाद में इस रकम को नकद के रूप में हासिल कर लेते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। उनसे अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here