जयपुर। पैकेजिंग मैटेरियल क्षेत्र की अग्रणी कंपनी मिरेकल ग्रुप लिमिटेड ने मंगलवार को निर्माण नगर में अपने नए कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कंपनी ने वर्ष 2030 तक कारोबार को 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर, 30 उत्पादों के निर्माण, 12 राज्यों में विस्तार और 8,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य घोषित किया।
कंपनी के संस्थापक हेमेंद्र अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल और अमित अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने महज 500 रुपये की पूंजी से विजिटिंग कार्ड प्रिंटिंग और टाइपिंग के छोटे काम से शुरुआत की थी। बाद में टेलीकॉम सेक्टर में पोस्टर और मेटल सप्लाई का कार्य शुरू किया। कम समय में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने पर ग्राहकों द्वारा इसे “मिरेकल” (चमत्कार) कहा जाने लगा और इसी से कंपनी का नाम मिरेकल पड़ा।
आज कंपनी लेबल प्रिंटिंग, कॉरुगेटेड बॉक्स, प्लास्टिक कैन सहित 12 प्रकार के पैकेजिंग उत्पाद तैयार कर रही है तथा देश की करीब 500 बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) को आपूर्ति कर रही है। वर्तमान में कंपनी का वार्षिक टर्नओवर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है और लगभग 3,500 लोगों को रोजगार मिल रहा है। वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर, 30 उत्पाद, 12 राज्यों में विस्तार और 8,000 रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी उत्पादन प्रक्रियाओं में ऑटोमेशन बढ़ाने पर भी कार्य कर रही है।
महिला रोजगार और पर्यावरण पर विशेष फोकस
कंपनी प्रबंधन ने बताया कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के तहत 60 माइक्रोन से कम प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाता तथा ईपीआर (Extended Producer Responsibility) के तहत उपयोग किए गए प्लास्टिक के बराबर कचरे का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) सुनिश्चित किया जाता है।
‘राइजिंग राजस्थान’ पहल की सराहना
हेमेंद्र अग्रवाल ने राजस्थान सरकार की ‘राइजिंग राजस्थान’ पहल और प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों को पहले की तुलना में अधिक तेज गति से सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उद्यमी की नीयत काम करने की हो तो सरकार और प्रशासन पूरा सहयोग कर रहे हैं।
युवाओं को दिया उद्यमिता का संदेश
संस्थापकों ने युवाओं से बाजार की जरूरतों और संभावनाओं को पहचानने की अपील करते हुए कहा कि स्क्रैप एवं वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, नवाचार और पारिवारिक एकता के बल पर छोटे स्तर से भी बड़ा औद्योगिक समूह खड़ा किया जा सकता है।



















