June 23, 2024, 10:51 am
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गायत्री परिवार ने बुद्ध पूर्णिमा को यज्ञ दिवस के रूप में मनाया

जयपुर। वैश्चिक सुख –शांति और प्रगति के लिए, विश्व में एकता समता,ममता का वातावरण निर्मित करने के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार ने बुद्ध पूर्णिमा को यज्ञ दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर देश -विदेश में लाखों घरों में एक साथ गृहे-गृहे यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोगों ने यूट्युब और जूम ऐप के माध्यम से भी यज्ञ किया।

पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र नव निर्माण,देश में सुख-शांति –समृद्धि के लिए एक साथ एक ही समय पर घर-घर में गायत्री महायज्ञ आयोजित किया गया। गुरूवार को सुबह साढ़े सात से साढे़ आठ बजे तक गायत्री परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग घरों में जाकर गायत्री महायज्ञ संपन्न् कराया। यज्ञ के बाद तरु प्रसाद के रूप में पौधे दिए। इसी के साथ लोगों को रक्तदान-अंगदान का संकल्प कराया गया । गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लिखित पुस्तकें निशुल्क भेंट की गई।

जयपुर जिले में 11 हजार घरों में गायत्री महायज्ञ करवाया गया , वहीं पूरे प्रदेश में एक लाख और देशभर में 24 लाख स्थानों पर यज्ञ कार्यक्रम संपन्न किए गए । गायत्री परिवार के सभी शक्तिपीठ, चेतना केन्द्र, प्रज्ञा मंडल, युवा मंडल, महिला मंडल , नव चेतना विस्तार केंद्र प्रमुख, गायत्री प्रज्ञा पीठों से जुड़े सक्रिय परिजनों ने घर घर जाकर विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया। नए परिवारों में घर-घर यज्ञ कराने पर विशेष जोर दिया गया।। कई मंदिरों में भी सामूहिक रूप से यज्ञ भी हुआ।

गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, गायत्री शक्तिपीठ वाटिका और गायत्री शक्तिपीठ कालवाड़, किरण पथ मानसरोवर स्थित श्री वेदमाता गायत्री वेदना निवारण केन्द्र, प्रताप नगर, वैशाली नगर, सांगानेर, मुरलीपुरा, गांधीनगर के गायत्री चेतना केंद्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ देवता को आहुतियां अर्पित की।

चेतना केंद्र दुर्गापुरा से जयपुर उप जोन समन्वयक सुशील शर्मा ने यज्ञ का संचालन किया। मोबाइल पंडित एप भी बनाया गया। ऑनलाइन यज्ञ करीब 700 स्थानों पर यज्ञ हुआ जिसमें करीब 4 हजार परिजनों ने भाग लिया। वहीं सात हजार परिजनों ने ऑफ लाइन मोड पर घर में यज्ञ किया। 11 हजार परिजनों ने 2 लाख 64 हजार मंत्रों से विश्व कल्याण की कामना के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित की।

यज्ञ में 54 क्विटल घी और हवन सामग्री का हुआ उपयोग इसमें करीब 54 क्विंटल घी और हवन सामग्री का उपयोग हुआ। जयपुर उप जोन के सभी शक्तिपीठ और प्रज्ञा पीठ में बड़े स्तर पर हवन हुआ।

ऑनलाइन कार्यक्रम से राजस्थान के बाहर के परिजन भी जुड़े

शांतिकुंज हरिद्वार से गायत्री परिवार राजस्थान के नव नियुक्त प्रभारी गौरी शंकर सैनी ने यज्ञ के बाद गायत्री परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज सर्वाधिक आवश्यकता आत्मीयता विस्तार की है। इसलिए लोगों से मिलते-जुलते रहे। सामने वाले व्यक्ति की अच्छाई और गुण को अपने चिंतन, चरित्र व्यवहार में शामिल करते रहेंगे तो हम मानव से महामानव बन जाएंगे। उत्तराखंड जोन प्रभारी जयसिंह यादव ने कहा गायत्री परिवार का आधार यज्ञ और गायत्री है।

एक ज्ञान है दूसरा सद कर्म।।हमें इन दोनों का अवलंबन लेकर युग निर्माण करना है। राजस्थान महिला प्रभारी शालिनी वैष्णव ने महात्मा बुद्ध के शिष्यों ने अनेक कठिनाइयों से जूझते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार किया था। आज एक बार विचार क्रांति अभियान को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। राजस्थान जोन समन्वयक ओमप्रकाश अग्रवाल ने अहंकार को गला कर सभी को साथ लेकर चलने का आह्वान किया।

साधना आंदोलन से जुड़ी रेखा पटवा, ब्रह्मपुरी शक्तिपीठ से सोहनलाल शर्मा,कालवाड़ शक्तिपीठ से धर्म सिंह राजावत, करधनी से कुसुमलता सिंघल, मुरलीपुरा से प्रहलाद शर्मा, मानसरोवर से गिरधर गोपाल आसोपा, जे एन मीना ने भी विचार व्यक्त किए।

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