जन्म शताब्दी वर्ष में अनेक गतिविधियां संचालित करेगा गायत्री परिवार

जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार, राजस्थान की ओर से जन्म शताब्दी वर्ष को सफल बनाने के लिए आगामी दिनों में अनेक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा के विचारों को जनमानस तक पहुंचाने के लिए कई नवाचार भी किए जाएंगे। इसके प्रचार प्रसार के लिए मानसरोवर के सोहननगर और मान्यावास प्रभातफेरी निकाली गई।भोजराज पारीक ने बताया कि गायत्री परिजनों ने व्यसन मुक्ति नारों, प्रज्ञा गीतों से कॉलोनियां गुंजायमान हो उठी।

इसके बाद सामूहिक सूर्य अर्घ्यदान किया गया। इसके बाद 12 स्थानों पर एक ही समय गायत्री महायज्ञ किया गया। इस कड़ी में आगामी बुद्ध पूर्णिमा को पूरे राज्य में गृहे गृहे गायत्री यज्ञ और देव स्थापना का मुख्य कार्यक्रम भी होगा। एक ही दिन एक की समय जयपुर सहित पूरे प्रदेश में हजारों घरों में गायत्री महायज्ञ होगा। यज्ञ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड पर होगा।

देशभर में चल हरे सप्त आंदोलन

जयपुर प्रवास पर आए शांतिकुंज हरिद्वार में गायत्री परिवार राजस्थान के प्रभारी जयसिंह यादव ने बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण के लिए सप्त आंदोलन पूरे विश्व में चला रहा है। इस सप्त आंदोलन में नशा उन्मूलन, शिक्षा आंदोलन, पर्यावरण संरक्षण, नारी जागरण, स्वास्थ्य स्वावलंबन और साधना पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन उनको संस्कार नहीं मिलने से देश की युवा पीढ़ी व्यसन की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

आज के समय में छोटे-छोटे बच्चे कम उम्र से ही नशे में लिप्त हो जा रहे हैं। इसके कारण समाज में आपराधिक प्रवृत्ति बढ़ रही है। इससे युवाओं के अंदर निराशा, नकारात्मकता और अवसाद जैसी समस्याएं बन रही हैं। इन सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर पूरे देश में नशा भारत छोड़ो कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

जुड़ रहे हैं युवा, बदल रहे हैं जीवन

यादन ने बताया कि वर्तमान समय में लाखों युवा गायत्री परिवार से जुडक़र अपने जीवन को सुंदर, सुगढ़ एवं बेहतर बना रहे हैं। युवाओं को ध्यान और गायत्री मंत्र के साथ ही प्रज्ञा गीतों के माध्यम से उनके अंदर की नकारात्मकता दूर की जा रही है। गायत्री परिवार पर्यावरण संरक्षण के तहत निर्मल गंगा जल अभियान के माध्यम से देश की नदियों के पानी और उसके घाटों की साफ-सफाई कर रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

दहेज प्रथा उन्मूलन, जूठन नहीं छोड़ने के लिए गायत्री परिवार समाज में लोगों को नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूक कर रहा है। साथ ही लोगों को आदर्श विवाह करने के लिए प्रेरणा दी जा रही है। जिसमें लोगों को बताया जा रहा है कि न दहेज लेने और न दहेज देने लिए प्रेरित करें। नारी सशक्तिकरण के चार स्तंभ साधना, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन से लड़कियों को जोड़ा जा रहा है। बाल संस्कारशाला के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार दे रहा है।

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