जयपुर। सोडाला के रामनगर सोडाला की शिव कॉलोनी में तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा का सोमवार को समापन हुआ। व्यासपीठ से पं. उमेश व्यास ने ठाकुर जी द्वारा मुनीम बनकर नरसी की बेटी नानी की बेटी का मायरा भरने का श्रवण बड़े ही भावर्पूण तरीके से कराया। कथा श्रवण कर श्रोताओं की आंखें भर आई।
एक अन्य प्रसंग में उन्होंने कहा कि हर जीव में परमात्मा के दर्शन करने चाहिए चाहे। वह पशु-पक्षी हो चाहे पेड़-पौधे या फिर मनुष्य। नर सेवा ही नारायण सेवा है। कथा के माध्यम से मकर संक्रांति पर्व पर पतंग और डोर से बेजुबान पक्षियों को घायल होने से बचाने तथा रक्षा करने का संदेश दिया है । इस मौके पर पोस्टर का अनावरण कर लोगों को वितरण किया गया।
व्यासपीठ से सुबह 10 बजे के पहले और शाम को पांच के बाद पतंग नहीं उड़ाने का आह्वान किया। क्योंकि यह समय पक्षियों के एक स्थान से दूसरे स्थान जाने का समय होता है। कथा के दौरान उन्होंने पक्षियों को दाना-पानी डालने के फायदे बताए। कथा के आयोजक राजेश गोयल और रेणु गोयल ने महाआरती की।



















