जयपुर। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होने जा रहे हैं। इसके साथ ही राजधानी जयपुर में नौ दिन तक चलने वाले शक्ति की उपासना के पर्व की रौनक दिखाई देने लगी है। माता रानी के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर कॉलोनियों के छोटे-बड़े बाजारों तक तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुकानदारों ने पूजा सामग्री, चुनरी, नारियल, कलश, माता की प्रतिमाओं और सजावटी सामान से दुकानें सजानी शुरू कर दी हैं। वहीं, घरों और मंदिरों में घट स्थापना तथा पूजा-अर्चना की तैयारियां भी की जा रही हैं।
नवरात्र को लेकर शहर के परकोटा क्षेत्र के बाजारों में विशेष हलचल रहने की उम्मीद है। बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार, किशनपोल बाजार और चांदपोल बाजार सहित विभिन्न प्रमुख बाजारों में नवरात्र से जुड़ी सामग्री की खरीदारी की तैयारियां हैं। इसके अलावा मानसरोवर, मालवीय नगर, प्रताप नगर, वैशाली नगर, राजापार्क और झोटवाड़ा के बाजारों में भी त्योहार को लेकर रौनक बढ़ने लगी है। घरों में पूजा के लिए जरूरी सामान जुटाने के साथ ही माता की चौकी सजाने और मंदिरों को आकर्षक रूप देने की तैयारियां की जा रही हैं।
चुनरी से लेकर माता की पोशाक तक की मांग
नवरात्र के दौरान माता रानी को चुनरी अर्पित करने और विशेष शृंगार करने की परंपरा के चलते लाल चुनरी, पोशाक, मुकुट, आभूषण और शृंगार सामग्री का विशेष महत्व रहता है। बाजारों में अलग-अलग रंगों और डिजाइन की चुनरियां, माता की पोशाकें, पूजा थालियां और सजावटी वस्तुएं उपलब्ध हैं। श्रद्धालु अपनी पसंद और बजट के अनुसार पूजा सामग्री खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।
वहीं घट स्थापना के लिए कलश, मिट्टी के पात्र, दीपक, रोली, मौली, चावल, सुपारी, नारियल, कपूर, घी और धूपबत्ती जैसी सामग्री की भी जरूरत रहती है। इसके साथ ही माता की चौकी सजाने के लिए रंग-बिरंगे कपड़े, फूल-मालाएं, बंदनवार, झालर और रोशनी के सामान की खरीदारी भी की जाती है। बाजारों में इन वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए दुकानदार तैयारियां कर रहे हैं।
घरों में होगी घट स्थापना, नौ दिन तक पूजा-अर्चना
शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत होगी। श्रद्धालु घरों में कलश स्थापित कर अखंड ज्योत जलाएंगे और नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। कई घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।
नवरात्र के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार और व्रत से जुड़ी खाद्य सामग्री की खरीदारी भी करेंगे। इसके चलते किराना दुकानों और फल विक्रेताओं के यहां भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन की परंपरा के कारण इन दिनों की तैयारियां भी पहले से की जाती हैं।

देवी मंदिरों में भी तैयारियां
नवरात्र को देखते हुए जयपुर के प्रमुख देवी मंदिरों में भी तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, फूलों से सजावट और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन की ओर से भीड़ को व्यवस्थित रखने, प्रवेश और निकास मार्ग सुचारू बनाए रखने तथा साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जाती हैं।
शहर के धार्मिक स्थलों पर नवरात्र के दौरान भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठानों का आयोजन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है। सुबह से शाम तक मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रहती है।
त्योहार से कारोबार को मिलेगी गति
नवरात्र के साथ ही दीपावली तक चलने वाले त्योहारों के मौसम की शुरुआत हो जाती है। ऐसे में पूजा सामग्री, कपड़े, सजावटी सामान, फूल-माला, फल और मिठाइयों से जुड़े कारोबारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद रहती है। दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कीमतों और डिजाइन की वस्तुएं रखने की तैयारियां की हैं। हालांकि, बाजारों में ग्राहकों की वास्तविक भीड़ और कारोबार का रुझान नवरात्र शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
नौ दिनों तक माता की भक्ति में डूबा रहने वाला जयपुर एक बार फिर धार्मिक रंग में रंगने को तैयार है। बाजारों में सजावट, घरों में पूजा की तैयारी और मंदिरों में विशेष आयोजन के साथ माता रानी के स्वागत का उत्साह दिखाई देने लगा है।

















