जयपुर। चैत्र शुक्ल पक्ष में एकादशी कामदा के नाम से जानी जाती है। इस अवसर पर शहर के प्रमुख आराध्य गोविंददेवजी मंदिर सहित श्री विष्णु हरि के मंदिरों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुयों ने इस मौके पर व्रत रखा और दिनभर भक्ति में लीन रहें।
ज्योतिषाचार्य डॉ. महेंद्र मिश्रा के अनुसार एकादशी तिथि 28 मार्च, शनिवार सुबह 8:45 बजे शुरू होकर 29 मार्च सुबह 7:46 बजे तक रही। उदयात तिथि के आधार पर रविवार को भक्तों ने व्रत-पूजन किया गया। वहीं ‘फलदा एकादशी’ के रूप में भी प्रसिद्ध इस व्रत का उल्लेख विष्णु पुराण में मिलता है। मान्यता है कि इससे पापों का क्षय होता है और पारिवारिक कष्ट दूर होते हैं।
एकादशी पर व्रतियों ने एक समय सात्विक भोजन लेकर अगले दिन व्रत का संकल्प लिया। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा में फल, फूल, तिल, दूध और पंचामृत अर्पित किए गए। इस मौके पर शहरवासियों की आस्था के प्रमुख गोविंददेवजी मंदिर, गोनेर के श्री लक्ष्मी-जगदीश मंदिर, राधा गोपीनाथ जी, आनंदकृष्ण बिहारी, लाडलीजी मंदिर रामगंज सहित सभी वैष्णव मंदिरों में दर्शनार्थियों का सैलाब उमड़ा और भगवान के दर्शन कर सुख -समद्धि की कामना की।




















