जयपुर। विश्व मंगलम सेवा संस्थान की ओर से आदर्श विद्या मंदिर झोटवाड़ा में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को राम-जानकी विवाह उत्सव मनाया गया। मंगल बधाइयों के साथ दोनों का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ। ऋषियों ने पुष्प वर्षा की। व्यासपीठ से मदन मोहन महाराज ने कहा कि सीताजी तमाम कष्ट सहने करते हुए गृहस्थ जीवन का पालन किया। आज थोड़ा सा कष्ट होते ही माताएं- बहनें परेशान हो जाती है। उन्हीं सीताजी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कथा के सह संयोजक जगदीश दुसाद एवं कमलेश कैदावत ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया। अनेक संतों-महंतों और गणमान्य लोगों ने आरती उतारी। हजारों की संख्या में लोगों ने भंडारा प्रसादी ग्रहण की। रविवार को श्रीराम वनवास और केवट प्रसंग होगा।
भगवान की हर लीला में एक सीख:
उधर, खोले वाले हनुमान मंदिर में श्री नरवर आश्रम सेवा समिति की ओर से नौ दिवसीय श्रीराम कथा में शनिवार को व्यासपीठ से संत मुरलीधर महाराज ने विविध प्रसंगों का श्रवण कराया। उन्होंने एक प्रसंग में कहा कि भगवान की हर लीला में कोई न कोई सीख होती है। उस सीख को श्रोता पकड़ ले तो जीवन बड़ा आसान हो जाता है।
अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण रावत और सरयूशरण शर्मा ने प्रारंभ में राम दरबार, हनुमान जी महाराज और पं. राधेलाल चौबे महाराज का पूजन किया।



















