July 27, 2024, 7:34 am
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चुनावी माहौल व शादियों के चलते संसाधनों का अभाव: रवि जिंदल

जयपुर। राजधानी में करीब पांच महीने के बाद गुरुवार से अबूझ सावों की धूम मचने वाली है। देवउठनी एकादशी से शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिग कार्य शुरू होने वाले है। जिससे शहर की सड़कों पर बैंड-बाजे और बारातों की रौनक दिखाई देखी। लेकिन इस बार चुनावीं माहौल को देखते हुए टैंट,लाईट,फ्लावर डेकोरेशन सहित मैरिज गार्डन व होटलों की रेट दुगुनी हो चुकी है। वहीं चुनावों के चलते शादी में बुक होने वाली ट्रैक्सी गाड़ियों के दाम भी आसमान छुने लगे है।

ऑल इण्डिया टेंट डीलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रवि जिंदल ने बताया कि इस बार देवउठनी एकादशी पर राजस्थान में करीब 45 से 50 हजार शादियां होने जा रही है। जिसमें आज साढ़े 4 हजार शादियां होनी है। लेकिन चुनावीं माहौल में अधिकांश मैरिज गार्डन चुनावीं प्रत्याशी ने बुक करवा रखे है। इसी के साथ चुनाव प्रचार-प्रसार करने वालों के लिए मैरिज गार्डन में ही मैस की सुविधा की गई है। चुनावी प्रचार के लिए प्रत्याशियों ने गाड़िया भी किराए पर ले रखी है। जिसके सीधा असर शादी के सावों पर पड़ रहा है।

हर चीजों के दाम बढ़े

हलवाई: देवउठनी एकादशी से पहले ही चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने मैरिज गार्डन व हलवाई की व्यवस्था कर ली थी। जिसके चलते शादियों में हलवाई की व्यवस्था के लिए दोगुना दाम देने पड़ रहे है। वहीं लाईट और ट्रेक्सी नम्बर गाड़ियों के भी यहीं हालात है। चुनावीं प्रचार के चलते शादियों में किराए की गाड़ियों के दाम भी दो गुना हो चुके है।

फोटो ग्राफरः अधिकांश फोटों ग्राफरों को चुनावीं नेताओं ने पहले से ही बुक कर लिया । जिसके चलते सोशल मीडिया पर प्रत्याशी का प्रचार-प्रसार अच्छे से हो सके। जिसके कारण फोटो ग्राफर व विड़ियों ग्राफर के भाव भी आसमान पर चढ़े हुए है।

ऐसा ही नजारा होटलों का है । यहां भी चुनावी प्रचार-प्रसार करने वालों के होटलें पहले से बुक हो चुके है। जिसके चलते शादियों में होटल काफी महंगे दामों में मिल रहे है।

रवि जिंदल ने बताया कि इस बार चुनाव व शादियों के माहौल में टेंट,लाइट,केटरिंग ,सजावट सहित गाड़ियों की मांग बढ़ी है।

वीवीआईपी शादियों में दूसरे राज्यों से आऐंगे संसाधन

बताया जा रहा है कि राजस्थान में करीब 50 हजार शादियां व चुनावीं माहौल को देखते हुए जो संसाधनों का अभाव हुआ है । उससे निजात पाने के लिए दूसरे राज्यों व ग्रामीण इलाकों से हलवाई ,वेटर, लाइट,फ्लावर डेकोरेशन सहित अन्य संसाधन मंगवाए जा रहे है।

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