जयपुर। सुभाष चौक पानो का दरीबा स्थित श्री शुक संप्रदाय आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में शुक्रवार को विजया एकादशी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी सरकार का वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। नवीन पोशाक धारण कराकर ऋतु पुष्पों से मनोरम श्रृंगार किया गया।
श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि सरस निकुंज में शाम को ढप-चंग की थाप पर वृंदावन कुंजन में होरी…, रंग बरसे गली रंगीली में रंग बरसे…, आज भलो दिन गोरी महल में मच रही होरी… बृज पदावलियों का गायन हुआ। संध्या झांकी में बड़े दादा गुरुदेव सरस माधुरी शरण द्वारा रचित फाल्गुनी रचनाओं के दौरान ठाकुरजी को अबीर-गुलाल अर्पित की गई।
उल्लेखनीय है कि श्री सरस निकुंज में फाल्गुन के महीने में प्रतिदिन ठाकुरजी को फाग की दो रचनाएं अनिवार्य रूप से श्रवण कराई जाती है। यह क्रम श्री सरस निकुंज के बड़े दादागुरु देव सरस माधुरी शरण महाराज ने शुरू किया था, जिसे तीसरी और चौथी पीढ़ी निभा रही है।




















