जयपुर। सेवानिवृत्त शिक्षक को मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट करने और 61 लाख रुपए से अधिक की ठगी के मामले में सेन्ट्रल साइबर पुलिस स्टेशनजयपुर ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जयपुर निवासी किशोर कुमार के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा उसके बैंक खाते में आया था, जिसे उसने स्वयं निकाल लिया था। पुलिस अब ठगी की रकम के लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
वीडियो कॉल पर खुद को बताया मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह के अनुसार बांसवाड़ा जिले के लोहारिया निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक विद्याशंकर व्यास ने 8 अगस्त 2025 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बांसवाड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी कि 29 जुलाई 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया। कॉल करने वाले ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिस निरीक्षक बताया।
आरोप है कि उसने शिक्षक पर इस्लामिक संगठन से संबंध रखने, मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक खातों से जुड़े गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया। गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात कहकर उन्हें डराया गया। इसके बाद कानूनी कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने के लिए दबाव बनाया गया।
आरटीजीएस से भेजे 61 लाख रुपए से अधिक
स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी गजेंद्र शर्मा के मुताबिक डर और मानसिक दबाव में आकर शिक्षक ने 30 जुलाई से 5 अगस्त 2025 के बीच आरटीजीएस के जरिए विभिन्न बैंक खातों में 61 लाख रुपए से अधिक ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा पेटीएम के माध्यम से दो अलग-अलग लेन-देन में एक लाख रुपए और वसूले गए। आरोपियों ने उनसे 30 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग भी की थी।
बैंक खाते के जरिए सामने आई आरोपी की भूमिका
मामले की जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, बैंक स्टेटमेंट और केवाईसी दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा 30 जुलाई 2025 को कोटक महिंद्रा बैंक के एक खाते में यूपीआई के माध्यम से पहुंचा था। बैंक रिकॉर्ड के आधार पर खाते के धारक किशोर कुमार की पहचान हुई।
पुलिस ने किशोर कुमार निवासी जयपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने खाते में आई रकम की स्वयं निकासी की थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और इस गिरोह में अन्य कौन लोग शामिल हैं।


















