छोटी काशी में नवरात्र का आगाज: माता के मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

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जयपुर। छोटी काशी जयपुर में रविवार को शारदीय नवरात्र का उल्लास छा गया। मंदिरों में घट स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। घरों और मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अनुष्ठान शुरू हुए। वहीं, नवरात्र स्थापना के साथ ही जयपुर सहित पूरे राजस्थान के ऑटोमोबाइल बाजार में भी रौनक लौट आई। शुभ मुहूर्त में नई गाड़ी खरीदने के लिए शोरूम में ग्राहकों की भीड़ रही। किसी ने परिवार के लिए कार खरीदी तो किसी ने रोजगार के लिए दोपहिया और तिपहिया वाहन लेकर नए काम की शुरुआत की।

शिला माता मंदिर में सलामी के साथ शुरू हुए अनुष्ठान

आमेर स्थित शिला माता मंदिर में सुबह 11:55 बजे घट स्थापना की गई। परंपरा के अनुसार सलामी की रस्म के बाद दोपहर एक बजे मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। मंदिर में तांत्रिक पद्धति से पूजा-अर्चना के साथ दस महाविद्याओं और नौ दुर्गा स्वरूपों की आराधना, दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और विशेष शृंगार के अनुष्ठान शुरू हुए। नवरात्र के दौरान मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा और आरती होगी।

मेला 16 अक्टूबर को षष्ठी पर आयोजित होगा। 18 अक्टूबर को रात 10 बजे निशा पूजन, 19 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे पूर्णाहुति और 21 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे नवरात्र उत्थापन होगा। दूसरे दिन से अंतिम नवरात्र तक दर्शन सुबह 6 से दोपहर 12:30 बजे और शाम 4 से रात 8:30 बजे तक होंगे। दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक मंदिर के पट बंद रहेंगे।

सुरक्षा के लिए 300 से अधिक जवान तैनात

नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर और आसपास के क्षेत्र में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों तथा सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। इनमें होमगार्ड, राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी और हाड़ी रानी बटालियन के जवान भी शामिल हैं। नवरात्र के दौरान 21 अक्टूबर तक आमेर महल में रात्रिकालीन पर्यटन और हाथी की सवारी बंद रहेगी। महल में पर्यटकों का प्रवेश सुबह 8 से शाम 5:30 बजे तक होगा। टिकट सिंहपोल गेट से मिलेंगे, जबकि हाथी की सवारी हाथीगांव में उपलब्ध रहेगी।

वैष्णो देवी और दुर्गा माता मंदिर में विशेष शृंगार

राजापार्क स्थित पंचवटी सर्किल के वैष्णो देवी मंदिर में सुबह 11:51 से दोपहर 12:15 बजे तक घट स्थापना हुई। मंदिर को फूलों, रोशनी और चुनरी से सजाया गया। नवरात्र के दौरान माता का प्रतिदिन सात से नौ बार अलग-अलग वेशभूषा में शृंगार किया जाएगा। श्रद्धालुओं को सुबह और शाम हलवा, चना और पूरी का प्रसाद वितरित किया जाएगा।

दुर्गापुरा स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में सुबह 7 बजे घट स्थापना हुई। माता का नई जरी की पोशाक और फूलों से विशेष शृंगार किया गया। यहां 17 अक्टूबर को मेला और 19 अक्टूबर की रात हवन होगा। श्री खोले के हनुमानजी मंदिर स्थित लक्ष्मण डूंगरी, गायत्री माता मंदिर और अन्य देवी मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ और ध्वज यात्राओं के आयोजन किए जा रहे हैं।

पहले दिन प्रदेश में 1100 कारें बिकीं

नवरात्र के पहले दिन वाहन बाजार में भी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही शोरूम में ग्राहकों की आवाजाही रही। नई गाड़ी की डिलीवरी लेने के बाद कई लोग सबसे पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश का आशीर्वाद लेकर वाहन घर ले गए। मंदिर के बाहर नई दोपहिया और चौपहिया गाड़ियों की कतारें नजर आईं। मान्यता है कि नवरात्र में नया वाहन खरीदना शुभ होता है और इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े राजन सिंह के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन प्रदेश में करीब 1100 कारों की बिक्री हुई। इसके अलावा 5000 से अधिक दोपहिया और तिपहिया वाहन बिके। इनमें ज्यादातर वाहन पहले से बुक थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवरात्र के नौ दिनों में प्रदेशभर में 10 से 11 हजार नई कारों की बिक्री हो सकती है।

जयपुर निवासी सुखबीर सिंह ने अपने बेटे के लिए दोपहिया वाहन खरीदा। उन्होंने बताया कि इससे बेटे को कॉलेज आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में सुविधा मिलेगी। वहीं, नई कार लेकर मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे भव्यांश शर्मा ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही नवरात्र के पहले दिन की डिलीवरी के लिए कार बुक कराई थी। वाहन मिलने के बाद सबसे पहले भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। रोजगार के लिए नया ऑटो खरीदने वाले मुकेश मेहरा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नए वाहन से काम बढ़ेगा और आमदनी में सुधार होगा।

एक्सचेंज बोनस और आसान किस्तों के ऑफर

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ वाहन कंपनियों और डीलरों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष ऑफर दिए हैं। इनमें पुराने वाहन पर अतिरिक्त मूल्य, आकर्षक उपहार और आसान किस्तों पर वाहन खरीदने की सुविधाएं शामिल हैं। पहले दिन की बिक्री से ऑटोमोबाइल कारोबारियों में उत्साह है। अब बाजार की नजर धनतेरस और दीपावली पर है, जब परंपरागत रूप से वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। कारोबारियों को उम्मीद है कि शुभ मुहूर्त और आकर्षक ऑफर के चलते आने वाले दिनों में भी बाजार में खरीदारी का सिलसिला जारी रहेगा।

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