नए साल की पूर्व संध्या पर  जयपुर पीएगा एक लाख लीटर दूध

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जयपुर। नए साल के स्वागत के लिए  हर कोई अपने स्तर पर तैयारियों में जुटा है।  कोई पार्टियों की तैयारियों कर रहा है तो कोई अपने परिवार के साथ मिलकर जश्न मनाने का प्लान कर रहे हैं। इसी बीच कई संस्थाएं नए साल की पूर्व संध्या से नव वर्ष के आगमन तक गुनगुना मीठा दूध और जलेबी खिलाकर नशा मुक्ति का संदेश देंगे।
जयपुर में 23 साल पहले एक अनूठी परंपरा शुरू हुई जो अब पौष बड़ा महोत्सव की  तरह बड़ा पर्व बन गई है। 23 साल पहले इंडियन अस्थमा केयर सोसायटी और राजस्थान युवा छात्र संस्था ने दारू नहीं, दूध से करें नववर्ष की शुरुआत की। जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर 31 दिसंबर की रात को मुफ्त दूध पिलाना शुरू किया। यह कारवां आज इतना बड़ा हो गया है कि अब शहर के लगभग हर चौराहे पर दूध पिलाया जाने लगा है।
वर्ष 2002 में इंडियन अस्थमा केयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र चौधरी, सचिव डॉ. धर्मवीर कटेवा और राजस्थान युवा छात्र संस्था ने इस मुहिम को शुरू की थी। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह अभियान आगामी वर्षों में बड़ा त्यौहार सा बन गया। हर कोई इस मुहिम से जुडऩे लगा। नशे के विरुद्ध चलाई गई इस मुहिम से ब्यूरोक्रेसी के कई बड़े अफसर और जनप्रतिनिधि जुड़ गए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे भी राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जाकर इस अभियान का हिस्सा बन चुके हैं। कई मंत्री और विधायक हर वर्ष इस अभियान का हिस्सा बनते हैं।
इंडियन अस्थमा केयर सोसायटी के सचिव धर्मवीर कटेवा ने बताया कि कार्यक्रम में युवाओं को नशे सहित अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया जाएगा। पूरे जयपुर में सैंकड़ों स्थानों पर दूध पिलाने के कार्यक्रम होंगे। मोटे अनुमान के अनुसार एक लाख लीटर दूध पिलाया जाएगा। अकेले राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर दस हजार लीटर दूध पिलाया जाएगा।

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