जयपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देशव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के तहत मंगलवार को जयपुर में एनएसयूआई राजस्थान ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में विशाल ‘छात्र विरोध मार्च’ निकाला। इस दौरान पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान बदहाल शिक्षा व्यवस्था के विरोध में प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली गई। मार्च में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक हाकम अली और रफीक खान, महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह, जयपुर कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चेयरमैन एम.डी. चोपदार, कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज, घासी लाल चौधरी, शिक्षक आशू और संजय सहित कांग्रेस एवं एनएसयूआई के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि देश का युवा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप था कि राजस्थान में समय पर भर्तियां नहीं निकल रही हैं, परीक्षा परिणामों में देरी हो रही है, रिक्त पदों के अनुरूप नियुक्तियां नहीं हो रही हैं तथा छात्रवृत्तियां भी समय पर नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने मांग की कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, मजबूत कानून लागू किया जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर एनएसयूआई छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह आंदोलन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और कांग्रेस उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
मार्च के दौरान छात्रों ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, समयबद्ध परीक्षा परिणाम जारी करने तथा छात्रों के हितों की रक्षा की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी रही।



















